Flourish Stay Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ Flourish Stay Hotel Fire देश की राजधानी के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक बन गया है। इस भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई, जबकि 35 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के सामने सिर्फ अपनी जान बचाने की चुनौती रह गई।
खिड़कियों से लटकते लोग और चीख-पुकार का मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग खिड़कियों से लटकते दिखाई दिए, जबकि कुछ पाइप पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। महिलाओं और बच्चों को बचाने के लिए स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए।
हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर ऊपरी मंजिल से कूदने को मजबूर हो गई। धुएं के कारण कई लोग बेहोश हो गए और होटल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिल पा रहा था।
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मृतकों में भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल
Flourish Stay Hotel Fire में जान गंवाने वालों में भारतीय और विदेशी दोनों नागरिक शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों में 10 भारतीय और 11 विदेशी नागरिक थे। विदेशी नागरिकों में अफ्रीकी देशों और तुर्कमेनिस्तान के नागरिक शामिल बताए गए हैं।
भारतीय मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य भी शामिल थे। इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पतालों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
होटल मालिक हिरासत में, जांच तेज
हादसे के बाद पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। इससे पहले उसके और उसकी पत्नी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम समेत कई एजेंसियां Flourish Stay Hotel Fire की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है।
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फायर NOC नहीं होने का खुलासा
जांच के शुरुआती चरण में सामने आया है कि होटल के पास वैध फायर NOC नहीं थी। फायर विभाग के अनुसार बिल्डिंग में लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
यही नहीं, दस्तावेजों के अनुसार होटल को केवल छह कमरों और सीमित संख्या में मेहमानों के लिए लाइसेंस मिला था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कमरे संचालित होने के आरोप लगे हैं। इस खुलासे ने प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई विभागों की भूमिका पर उठे सवाल
Flourish Stay Hotel Fire के बाद सिर्फ होटल प्रबंधन ही नहीं बल्कि संबंधित सरकारी विभाग भी जांच के घेरे में आ गए हैं। आरोप है कि वर्षों से नियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
जांच एजेंसियां अब बिल्डिंग मालिक, लाइसेंसधारी, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम अधिकारियों और अन्य निगरानी एजेंसियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। सवाल यह है कि छह कमरों के लाइसेंस पर 25 से अधिक कमरे आखिर कैसे संचालित होते रहे।
क्या इस त्रासदी से सबक लिया जाएगा?
दिल्ली में पिछले कुछ महीनों के दौरान आग की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। Flourish Stay Hotel Fire ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। यदि लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग और तेज होगी। यह हादसा केवल एक आग की घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही और सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति पर बड़ा सवाल है।
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