Karnal News हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। करनाल के कुंजपुरा स्थित सरकारी गेहूं गोदाम में करोड़ों रुपये के कथित गबन की जांच के दौरान अब 9,951 गेहूं के कट्टे और गायब पाए गए हैं। विभागीय जांच के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सेवानिवृत्त निरीक्षक अशोक शर्मा को जिम्मेदार ठहराया गया है, जबकि उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दूसरे अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं।
Karnal News विभागीय जांच में बढ़ी गेहूं की कमी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जांच के अनुसार, पहले गोदाम से 4,904 गेहूं के कट्टे कम पाए गए थे। इसके बाद दर्ज की गई एफआईआर और आगे हुई जांच में यह संख्या लगातार बढ़ती गई। हालिया विभागीय रिपोर्ट में 9,951 अतिरिक्त कट्टे गायब मिलने की बात सामने आई है।
यदि पहले की कमी को भी इसमें जोड़ा जाए तो कुल 16,355 गेहूं के कट्टों का हिसाब नहीं मिल रहा है। विभागीय अनुमान के अनुसार इस नुकसान की कीमत लगभग 4.49 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पूर्व निरीक्षक पर गिरी कार्रवाई की गाज Karnal News Update
जांच रिपोर्ट में सेवानिवृत्त निरीक्षक अशोक शर्मा को इस मामले में जिम्मेदार माना गया है। इससे पहले भी उनके खिलाफ कुंजपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी और विभागीय स्तर पर उन्हें निलंबित किया गया था।
अब नई जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
Karnal News पूर्व निरीक्षक ने आरोपों को बताया गलत
Karnal News मामले में नया विवाद तब सामने आया जब अशोक शर्मा ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और पूरे मामले की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों की भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से संबंधित अधिकारी पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके बाद मामला केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि आरोप-प्रत्यारोप का रूप भी ले चुका है।
मंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई थी जांच
बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष गोदाम में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग, पुलिस और विजिलेंस स्तर पर अलग-अलग जांच शुरू हुई।
जून में हुई विजिलेंस जांच में भी हजारों गेहूं के कट्टे कम मिलने की बात सामने आई थी। Karnal News अब विभागीय जांच की नई रिपोर्ट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
विजिलेंस और विभागीय रिपोर्ट में सामने आए अलग-अलग आंकड़े
जांच के दौरान अलग-अलग चरणों में गेहूं की कमी के अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। शुरुआती निरीक्षण में जहां 4,904 कट्टे कम मिले, वहीं विजिलेंस जांच में यह संख्या 9,585 तक पहुंच गई। अब विभागीय रिपोर्ट में 9,951 अतिरिक्त कट्टे गायब मिलने की पुष्टि होने के बाद कुल नुकसान 16,355 कट्टों तक पहुंच गया है।
इन आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत फोरेंसिक और रिकॉर्ड आधारित जांच की आवश्यकता है, ताकि वास्तविक जिम्मेदारी तय की जा सके।
Karnal News जांच पूरी होने के बाद तय होगी जवाबदेही
फिलहाल विभागीय कार्रवाई जारी है और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी गोदामों में खाद्यान्न भंडारण और निगरानी व्यवस्था को लेकर यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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