Iran US Nuclear Deal Impact: ईरान और United States के बीच संभावित परमाणु समझौते को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। युद्धविराम और शांति समझौते की चर्चाओं के बीच अब एक नई शर्त ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल बढ़ा दी है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि किसी भी अंतिम डील से पहले विदेशों में जब्त उसकी अरबों डॉलर की संपत्तियां वापस की जाएं। (Iran US Nuclear Deal Impact)
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की 120 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम दुनिया के कई देशों में फंसी हुई है। इनमें China, India, Japan, Qatar और खुद United States जैसे बड़े देश शामिल हैं। माना जा रहा है कि अगर यह डील फाइनल होती है, तो इन देशों की बैंकिंग व्यवस्था, तेल कारोबार और आर्थिक रणनीतियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। (Iran US Nuclear Deal Impact)
क्या है ईरान-अमेरिका डील का पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने और परमाणु विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कहा जा रहा है कि दोनों देश एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर काम कर रहे हैं, जो आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसे अभी’वर्क इन प्रोग्रेस” बताया है। वहीं कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स का दावा है कि समझौता लगभग तैयार है और सिर्फ औपचारिक हस्ताक्षर बाकी हैं। (Iran US Nuclear Deal Impact)
किन देशों में फंसा है ईरान का पैसा?
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सबसे ज्यादा रकम चीन में फंसी हुई है। अनुमान है कि करीब 20 अरब डॉलर चीन में अटके हुए हैं। इसके अलावा कतर में लगभग 12 अरब डॉलर, भारत में करीब 7 अरब डॉलर और इराक में 6 अरब डॉलर की संपत्तियां जब्त बताई जाती हैं। जापान और लग्जमबर्ग में करीब 1.5-1.5 अरब डॉलर फंसे हैं, जबकि अमेरिका में भी 1.2 अरब डॉलर से ज्यादा की रकम अटकी हुई है। इसके अलावा Turkey समेत कुछ अन्य देशों में भी ईरान की संपत्तियां और बैंकिंग फंड्स रोके गए हैं। (Iran US Nuclear Deal Impact)
कतर में तेज हुई बड़ी बातचीत
ईरान की तरफ से वरिष्ठ नेता Mohammad Bagher Ghalibaf कतर पहुंचे हैं, जहां जब्त संपत्तियों की वापसी पर अहम बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि ईरान के केंद्रीय बैंक के अधिकारी भी इस डेलिगेशन का हिस्सा हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका कुछ संपत्तियां रिलीज करने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश होगी। (Iran US Nuclear Deal Impact)
8 देशों को क्यों लग सकता है बड़ा झटका?
अगर ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलती है और उसकी रकम रिलीज होती है, तो इसका सीधा असर कई देशों की आर्थिक रणनीति पर पड़ सकता है।चीन, जापान और भारत जैसे देश लंबे समय तक ईरानी तेल के बड़े खरीदार रहे हैं। प्रतिबंधों के चलते इन देशों ने अपनी ऊर्जा नीतियों में बदलाव किए थे। लेकिन अगर ईरान दोबारा वैश्विक बाजार में मजबूत वापसी करता है, तो तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा जिन देशों के बैंकों में ईरानी रकम फंसी है, वहां बैंकिंग सेक्टर पर भी दबाव बढ़ सकता है। क्योंकि अरबों डॉलर की रकम रिलीज होने से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संतुलन प्रभावित हो सकता है। (Iran US Nuclear Deal Impact)
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ईरान इस पैसे का क्या करेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान को उसकी जब्त संपत्तियां वापस मिलती हैं, तो वह सबसे पहले अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश करेगा। इसके अलावा तेल उत्पादन बढ़ाने, बुनियादी ढांचे में निवेश करने और क्षेत्रीय प्रभाव को मजबूत करने के लिए भी इस रकम का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है। (Iran US Nuclear Deal Impact)
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दुनिया की नजर अब अंतिम फैसले पर
फिलहाल किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर रकम लौटाने की पुष्टि नहीं की है। लेकिन अगर अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो आने वाले दिनों में दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में हलचल तेज हो सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ परमाणु डील नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक समीकरण बदलने वाला बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। (Iran US Nuclear Deal Impact)
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