Haryana Happy Card Scheme: हरियाणा सरकार ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में रोडवेज बसों में हर साल 1,000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा देने वाली ‘हैप्पी कार्ड’ योजना (Haryana Happy Card Scheme) के तहत अब तक लगभग 20 लाख लोगों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। सरकार ने घोषणा की है कि जल्द ही अतिरिक्त 20 लाख लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा, जिससे अधिक नागरिकों को सस्ती और सुलभ यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
हरियाणा विजन-2047 के तहत परिवहन सुधारों की समीक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को हरियाणा विजन-2047 के तहत परिवहन विभाग की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना (Haryana Happy Card Scheme) की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि परिवहन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को इस तरह विकसित किया जाए कि यह भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पूरी तरह सक्षम हो।
बस संचालन में तकनीकी बदलाव पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाड़ी पास करने की मौजूदा मैनुअल प्रक्रिया को खत्म कर इसे पूरी तरह ऑटोमेटिक बनाया जाए, जिससे समय की बचत हो और पारदर्शिता बढ़े। इसके साथ ही उन्होंने बसों को रेलवे की तर्ज पर रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था के तहत यात्री मोबाइल ऐप (Haryana Happy Card Scheme) के माध्यम से यह जान सकेंगे कि उनकी बस कहां है और कब पहुंचेगी।
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सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और पैनिक बटन अनिवार्य
महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। ये कैमरे सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, बसों में पैनिक बटन लगाने की व्यवस्था भी अनिवार्य की जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इलेक्ट्रिक बसों की ओर बड़ा बदलाव
हरियाणा सरकार (Haryana Happy Card Scheme) आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर पूरी तरह शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रही है। नई बसों की खरीद मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक मॉडल्स की होगी। इसके लिए राज्य में मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। अगले एक वर्ष में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाए जाने की योजना है, जहां बसों के चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध होंगे। सरकार की योजना है कि भविष्य में बस यात्रियों के चढ़ने-उतरने के दौरान ही बसों को चार्ज करने की तकनीक विकसित की जाए।
पीपीपी मॉडल और सोलर एनर्जी पर जोर
परिवहन ढांचे को ऊर्जा-सक्षम बनाने के लिए सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। साथ ही सभी बस स्टैंडों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना भी है, जिससे ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि परिवहन प्रणाली अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनेगी।
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व्हीकल स्क्रैपिंग नीति को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए 26 सेंटर पहले से कार्यरत हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। केंद्र सरकार की ओर से प्रति वाहन 15,000 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसके अलावा, हरियाणा को इस योजना के तहत देश में सबसे अधिक 160 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। सरकार सीमावर्ती जिलों में भी नए स्क्रैपिंग सेंटर खोलने पर विचार कर रही है ताकि पड़ोसी राज्यों के वाहन मालिक भी इसका लाभ उठा सकें।
यूनिफाइड कंट्रोल सेंटर और आधुनिक बस स्टैंड की योजना
राज्य सरकार एक यूनिफाइड कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने जा रही है, जहां से सभी सरकारी और निजी बसों की निगरानी की जाएगी। यह सिस्टम परिवहन को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगा। इसके साथ ही सभी बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। नए बस स्टैंडों में एसटीपी (Sewage Treatment Plant) और ईटीपी (Effluent Treatment Plant) जैसी पर्यावरणीय सुविधाएं भी शामिल होंगी।
भविष्य के लिए तैयार हो रहा हरियाणा का परिवहन मॉडल
हरियाणा सरकार की यह नई कार्ययोजना (Haryana Happy Card Scheme) राज्य के सार्वजनिक परिवहन को तकनीकी रूप से उन्नत, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल ट्रैकिंग, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति जैसे सुधार आने वाले वर्षों में राज्य की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकते हैं।
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