India Demographic Change Committee: केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नक्सलवाद के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बाद अब सरकार का मुख्य फोकस अवैध घुसपैठ और उससे जुड़े जनसांख्यिकीय बदलावों (India Demographic Change Committee) पर है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को घोषणा की कि ‘अवैध प्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों’ से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति का उद्देश्य: जनसंख्या बदलाव के पैटर्न की गहन जांच
अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यह समिति (India Demographic Change Committee) देश में घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक विश्लेषण करेगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिरता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। समिति का मुख्य उद्देश्य यह समझना होगा कि किन क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में असामान्य बदलाव हो रहे हैं और उनके पीछे क्या कारण हैं।
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समिति के प्रमुख सदस्य और नेतृत्व
सरकार द्वारा गठित (India Demographic Change Committee) इस उच्च-स्तरीय पैनल की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर करेंगे। इसके अलावा समिति में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
- पूर्व IAS अधिकारी और जनगणना आयुक्त दुर्गा शंकर मिश्रा
- पूर्व IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव
- अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि
इन विशेषज्ञों की टीम जनसांख्यिकीय बदलावों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेगी और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संरचना पर फोकस
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलाव’ (India Demographic Change Committee) देश की संप्रभुता, कानून व्यवस्था और सामाजिक ढांचे के लिए गंभीर चुनौती हैं।उन्होंने संकेत दिया कि यह समिति विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देगी जहां जनसंख्या में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है, ताकि उसके पीछे के कारणों का वैज्ञानिक और प्रशासनिक मूल्यांकन किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस तरह के बदलावों का असर न केवल सीमावर्ती राज्यों पर पड़ता है, बल्कि यह देश की समग्र सामाजिक संरचना को भी प्रभावित कर सकता है।
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प्रधानमंत्री की 2025 की घोषणा से जुड़ा कदम
यह समिति (India Demographic Change Committee) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को लाल किले से की गई घोषणा के बाद गठित की गई है। उस समय प्रधानमंत्री ने एक ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन’ की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि अवैध घुसपैठ देश के लिए एक गंभीर चुनौती बन रही है और यह युवाओं के रोजगार, सामाजिक संतुलन और सुरक्षा पर प्रभाव डाल रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे तत्वों पर सख्त नियंत्रण जरूरी है जो देश की आंतरिक स्थिरता को प्रभावित करते हैं।
नीति और सुरक्षा दोनों स्तरों पर होगा विश्लेषण
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह समिति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों का भी अध्ययन करेगी। इसमें सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय कारकों को शामिल किया जाएगा। यह कदम भविष्य की नीतियों को अधिक डेटा-आधारित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
आगे क्या? रिपोर्ट के आधार पर बनेंगी नई नीतियां
समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे चलकर सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन नियंत्रण और जनसांख्यिकीय संतुलन से जुड़े नए नीतिगत निर्णय ले सकती है। इस कदम को केंद्र सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करना है।
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