Milma Milk Price Hike: देशभर में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा दी हैं। पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल ने लोगों की जेब पर असर डाला, फिर कई बड़ी डेयरी कंपनियों ने दूध के दाम बढ़ाकर घरेलू बजट को झटका दिया। अब इसी कड़ी में केरल की प्रमुख डेयरी ब्रांड मलिमा (Milma Milk Price Hike) ने भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है।
राज्य में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद लिया गया यह फैसला अब आम परिवारों के मासिक खर्च को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। खास बात यह है कि मलिमा (Milma Milk Price Hike) के दूध पर केरल की बड़ी आबादी निर्भर करती है, ऐसे में इसका असर सीधे घर-घर तक पहुंचने वाला है।
1 जून से महंगा होगा दूध
मलिमा (Milma Milk Price Hike) ने अपने दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। नई कीमतें 1 जून से लागू होंगी। कंपनी का कहना है कि लंबे समय से उत्पादन लागत बढ़ रही थी, जिसके चलते यह फैसला जरूरी हो गया था। दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही रसोई का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है। गैस सिलेंडर, खाने-पीने की चीजें और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के बाद अब दूध भी महंगा हो गया है। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
नई सरकार के गठन के बाद लिया गया फैसला
केरल में हाल ही में नई सरकार का गठन हुआ है। इसके बाद डेयरी सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर फिर से चर्चा शुरू हुई। मलिमा (Milma Milk Price Hike) के चेयरमैन के एस मणि ने बताया कि दूध की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव नया नहीं था। इसे पिछली सरकार के समय ही मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण इसे लागू नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि नई सरकार के काम संभालने के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस मुद्दे पर दोबारा विचार किया गया। विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री से चर्चा की गई और उनकी मंजूरी के बाद अंतिम फैसला लिया गया।
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किसानों को मिलेगा बढ़ोतरी का बड़ा फायदा
मलिमा (Milma Milk Price Hike) प्रबंधन का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतों का बड़ा हिस्सा दूध उत्पादकों और किसानों को दिया जाएगा। कंपनी के मुताबिक पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे, बिजली, ट्रांसपोर्ट और रखरखाव की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में किसानों को उचित भुगतान देना जरूरी हो गया था। डेयरी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को बेहतर कीमत नहीं मिलेगी तो दूध उत्पादन पर असर पड़ सकता है। हालांकि दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रोजमर्रा की जरूरत की चीजों का महंगा होना चिंता का विषय है।
आम जनता के बजट पर पड़ेगा असर
दूध हर घर की जरूरत है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, लगभग हर परिवार रोजाना दूध का इस्तेमाल करता है। ऐसे में कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी छोटी नहीं मानी जा रही। अगर किसी परिवार में रोजाना 2 से 3 लीटर दूध की खपत होती है तो महीने का खर्च सैकड़ों रुपये तक बढ़ सकता है। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला आम लोगों के लिए एक और आर्थिक चुनौती बनकर सामने आया है।
दूसरे राज्यों में भी बढ़ सकते हैं दाम?
आने वाले समय में अन्य डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं। देशभर में डेयरी सेक्टर पर लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले अमूल और मदर डेयरी जैसी कंपनियां भी दूध के दाम बढ़ा चुकी हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अगर लागत में कमी नहीं आई तो आने वाले महीनों में देश के कई हिस्सों में दूध और डेयरी उत्पाद और महंगे हो सकते हैं।
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