Tamil Nadu Liquor Consumption: तमिलनाडु की राजनीति में ‘थलपति’ विजय के मुख्यमंत्री बनते ही प्रशासनिक फेरबदल और नीतिगत फैसलों की रफ्तार तेज हो गई है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने राज्य की 717 सरकारी शराब दुकानों (TASMAC) को बंद करने का जो आदेश दिया है, उसने न केवल शराब माफियाओं बल्कि आम जनता के बीच भी एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है। यह फैसला उन दुकानों पर लागू किया गया है जो स्कूलों, धार्मिक स्थलों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के दायरे में स्थित हैं। सरकार की इस सख्ती ने अब राज्य में शराब की खपत से जुड़े आंकड़ों को केंद्र में ला दिया है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) और हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु शराब की खपत के मामले में भारत के शीर्ष 5 राज्यों में शुमार है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 1.32 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। इनमें से करीब 70 लाख लोग ऐसे हैं जो रोजाना शराब पीते हैं। मुख्यमंत्री विजय का यह कदम उनके चुनाव पूर्व किए गए ‘एंटी-ड्रग प्रोटेक्शन जोन’ और सामाजिक सुधार के वादों की दिशा में पहला बड़ा प्रहार माना जा रहा है। (Tamil Nadu Liquor Consumption)
शराब की खपत में तमिलनाडु का देश में स्थान
बिक्री और खपत के लिहाज से तमिलनाडु देश का एक बड़ा बाजार है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि यहांपुरुषों में शराब पीने की प्रवृत्ति काफी अधिक है। NFHS-5 (2019-21) के अनुसार, तमिलनाडु में करीब 29.2% पुरुष शराब पीते हैं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा मात्र 0.4% है। खपत के मामले में यह राज्य पूरे देश में पाँचवें पायदान पर है। (Tamil Nadu Liquor Consumption)
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कौन सा राज्य है अव्वल?
शराब राज्य सरकारों के लिए राजस्व का एक बड़ा स्रोत है, जिस पर राज्य उत्पाद शुल्क (State Excise Duty) लगाया जाता है। भारत में सबसे ज्यादा शराब पीने वाले राज्यों की सूची और उनसे मिलने वाला राजस्व कुछ इस प्रकार है:
- उत्तर प्रदेश: जनसंख्या और रिटेल नेटवर्क के कारण यूपी पहले स्थान पर है। यहांसे सरकार को अधिकतम 31,517.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
- कर्नाटक: बेंगलुरू जैसे शहरी केंद्रों के कारण कर्नाटक दूसरे स्थान पर है। यहांशराब से 20,950 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है।
- महाराष्ट्र: मुंबई और पुणे जैसे महानगरों की बड़ी आबादी के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर काबिज है।
- मध्य प्रदेश: ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च मांग के कारण मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर है, जहांसे 11,873.70 करोड़ रुपये का राजस्व आता है।
- तमिलनाडु: खपत में 5वां स्थान होने के बावजूद, नीतियों के कारण राजस्व यहां7,262.30 करोड़ रुपये के आसपास है।
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धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास 500 मीटर का दायरा
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अगले दो हफ्तों के भीतर उन सभी 717 दुकानों को बंद कर दिया जाए जो संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के करीब हैं। इस निर्णय के पीछे मुख्य तर्क यह है कि शराब की सुलभ उपलब्धता युवाओं और धार्मिक भावनाओं पर नकारात्मक असर डालती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश के पालन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (Tamil Nadu Liquor Consumption)
‘एंटी ड्रग प्रोटेक्शन जोन’ का संकल्प
विजय ने अपने चुनावी अभियान के दौरान वादा किया था कि वे तमिलनाडु को नशा मुक्त बनाने के लिए ‘एंटी ड्रग प्रोटेक्शन जोन’ बनाएंगे। 717 दुकानों की बंदी उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य न केवल शराब की दुकानों को कम करना है, बल्कि नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए हर जिले में नशा-विरोधी इकाइयों को मजबूत करना भी है। (Tamil Nadu Liquor Consumption)
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