Mamata Banerjee Resignation: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खेमे में हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हार नहीं मानने वाली हैं और नैतिक रूप से खुद को विजेता मानती हैं। ममता ने चुनाव आयोग पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि उनके साथ ‘गंदा और घटिया खेल’ खेला गया है। (Mamata Banerjee Resignation)
मीडिया को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें अपनी कुर्सी खोने का कोई गम नहीं है, लेकिन जिस तरह से चुनाव लड़ा गया वह अलोकतांत्रिक था। उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को संवैधानिक अधिकारों को लूटने वाला बताया। उन्होंने कहा कि उनके अधिकारियों को बदला गया और चुनाव से ठीक पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं, जिसने निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं को खत्म कर दिया। (Mamata Banerjee Resignation)
‘इस्तीफा क्यों दूं? मैं अब एक आजाद पंछी हूं’
इस्तीफे के सवाल पर ममता बनर्जी काफी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने कहा, ‘मैं क्यों इस्तीफा दूंगी जब मैं हारी नहीं हूं? मुझे बाध्य नहीं किया जा सकता। नैतिक तौर पे मैं कह रही हूं कि मैं जीती हूं। मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।’ उन्होंने आगे कहा कि अब वे सत्ता के बंधनों से मुक्त होकर एक ‘आजाद पंछी’ की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करने का काम करेंगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले 15 सालों में उन्होंने अपनी तनख्वाह या पेंशन का एक पैसा भी नहीं लिया है। (Mamata Banerjee Resignation)
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INDIA गठबंधन के साथियों का मिला समर्थन
ममता बनर्जी ने बताया कि हार के बावजूद विपक्ष के बड़े नेताओं ने उन्हें समर्थन दिया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने उनसे फोन पर बात की। ममता ने कहा, ‘अखिलेश यादव ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उन्हें कल बुलाया है। INDIA गठबंधन के सभी साथी मेरे साथ हैं और आने वाले समय में हमारी एकजुटता और मजबूत होगी।’ (Mamata Banerjee Resignation)
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EVM और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम मशीनों में 80-90 फीसदी चार्ज होना संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सीधे हस्तक्षेप कर रहे थे। उन्होंने आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को अपनी मर्जी से बदला और 90 लाख वोटरों के नाम हटा दिए।’ उन्होंने दावा किया कि वे पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ अकेले लड़ रही थीं। (Mamata Banerjee Resignation)
भविष्य की रणनीति और संघर्ष का ऐलान
भले ही बंगाल में अब सत्ता परिवर्तन हो रहा हो, लेकिन ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वे सड़क पर उतरकर संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बहुत साफ है लोकतंत्र की रक्षा करना। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतों के हस्तक्षेप के बावजूद चुनाव आयोग ने उनके साथ भेदभाव किया। अब देखना यह होगा कि बंगाल की नई सरकार और विपक्ष के रूप में ममता बनर्जी के बीच आने वाले दिनों में कैसा टकराव देखने को मिलता है। (Mamata Banerjee Resignation)
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