D Sudhakar Death: कर्नाटक की राजनीति से रविवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री डी. सुधाकर का 66 साल की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे कांग्रेस नेता ने बेंगलुरु के अस्पताल में अंतिम सांस ली। D Sudhakar Death की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि डी. सुधाकर पिछले दो महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका इलाज बेंगलुरु के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा था। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि रविवार तड़के 3:15 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
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कांग्रेस के वफादार नेता थे डी. सुधाकर
डी. सुधाकर को कांग्रेस का बेहद भरोसेमंद और जमीनी नेता माना जाता था। वे चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ थी। राजनीति में उनका सफर संघर्ष और जनसेवा से भरा रहा।
कांग्रेस संगठन में उनकी छवि ऐसे नेता की थी जो हमेशा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते थे। यही वजह है कि D Sudhakar Death की खबर ने पार्टी के भीतर भावुक माहौल पैदा कर दिया। उनके समर्थकों का कहना है कि सुधाकर हमेशा आम लोगों के लिए उपलब्ध रहते थे और विकास कार्यों को लेकर बेहद गंभीर थे।
डीके शिवकुमार ने जताया गहरा दुख
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने डी. सुधाकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुधाकर केवल उनके सहयोगी ही नहीं बल्कि करीबी मित्र भी थे। शिवकुमार ने कहा कि सुधाकर हमेशा अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे लेकर उनके पास आते थे।
डीके शिवकुमार ने उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ बताते हुए कहा कि जनता के प्रति उनका समर्पण अद्भुत था। उन्होंने कहा कि D Sudhakar Death कर्नाटक राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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जनता के बीच थी मजबूत पकड़
हिरियूर विधानसभा क्षेत्र में डी. सुधाकर की लोकप्रियता काफी ज्यादा थी। लोग उन्हें सरल और सहज नेता के रूप में जानते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कई विकास परियोजनाओं पर काम किया और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुधाकर की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और जनता से सीधा जुड़ाव था। यही कारण है कि उनके निधन की खबर सुनकर हजारों समर्थकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। D Sudhakar Death अब कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा भावनात्मक मुद्दा बन गया है।
अस्पताल ने जारी किया मेडिकल बुलेटिन
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डी. सुधाकर लंबे समय से फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थे। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। रविवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉक्टर निदेशक डॉ. आर. चिन्नादुरई ने कहा कि पूरी मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की। हालांकि उनकी हालत बेहद गंभीर थी। D Sudhakar Death की आधिकारिक पुष्टि होते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की खबर फैल गई।
कर्नाटक राजनीति के लिए बड़ा झटका
डी. सुधाकर का निधन कांग्रेस और कर्नाटक सरकार दोनों के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। वे राज्य सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे और कई अहम योजनाओं पर काम कर रहे थे।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी कमी को भर पाना आसान नहीं होगा। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित नेता बताया है। D Sudhakar Death ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि राजनीति में कुछ चेहरे केवल नेता नहीं बल्कि जनता की उम्मीद बन जाते हैं।
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