India-UAE Trade Relations: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। मई 2022 में लागू हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेज उछाल देखने को मिला है।
India-UAE Trade Relations को लेकर सामने आए ताजा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक भरोसा पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। व्यापार, निवेश और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते सहयोग ने भारत और UAE को रणनीतिक आर्थिक साझेदार बना दिया है।
101 अरब डॉलर के पार पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और UAE के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 100.03 अरब डॉलर था।
India-UAE Trade Relations में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक बाजार कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार लगातार जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि CEPA समझौते ने व्यापार को आसान बनाया है और कई क्षेत्रों में शुल्क कम होने से कारोबार को नई गति मिली है।
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CEPA समझौते से कई सेक्टरों को फायदा
मई 2022 में लागू हुए Comprehensive Economic Partnership Agreement यानी CEPA को दोनों देशों के व्यापारिक इतिहास का सबसे बड़ा आर्थिक समझौता माना जा रहा है।
India-UAE Trade Relations में इस समझौते के बाद रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय निर्यातकों को UAE के बाजार में बेहतर पहुंच मिली है, जबकि UAE की कंपनियों ने भी भारत में निवेश बढ़ाया है। विशेष रूप से जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को इस समझौते से बड़ा फायदा हुआ है। इसके अलावा कृषि उत्पादों और खाद्य सामग्री के निर्यात में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
UAE बना भारत के लिए बड़ा व्यापारिक साझेदार
UAE लंबे समय से भारत का अहम व्यापारिक सहयोगी रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह संबंध और मजबूत हुए हैं। India-UAE Trade Relations अब सिर्फ तेल और ऊर्जा तक सीमित नहीं रह गए हैं। टेक्नोलॉजी, डिजिटल सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप सेक्टर में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार UAE, भारत के लिए खाड़ी देशों के साथ-साथ अफ्रीका और यूरोप के बाजारों तक पहुंच का महत्वपूर्ण द्वार बन चुका है।
2032 तक 200 अरब डॉलर का लक्ष्य
दोनों देशों ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। भारत और UAE ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
India-UAE Trade Relations को नई दिशा देने के लिए दोनों देश निवेश, व्यापार सुविधा और तकनीकी सहयोग पर लगातार काम कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और आर्थिक सुधारों के कारण व्यापार की रफ्तार और तेज होगी।
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निर्यात और आयात के आंकड़े क्या कहते हैं?
वित्त वर्ष 2025-26 में UAE को भारत का निर्यात लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 37.36 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं UAE से आयात 0.77 प्रतिशत बढ़कर 63.89 अरब डॉलर हो गया।
हालांकि इस दौरान भारत का व्यापार घाटा 26.53 अरब डॉलर रहा, लेकिन व्यापारिक गतिविधियों में तेजी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। India-UAE Trade Relations के तहत ऊर्जा, पेट्रोलियम उत्पाद, सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी आयात के प्रमुख क्षेत्र बने हुए हैं।
भारत में UAE का निवेश भी बढ़ा
UAE सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि भारत में निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अप्रैल से दिसंबर 2025-26 के दौरान UAE से भारत में 2.45 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया।
हालांकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 4.34 अरब डॉलर था, लेकिन दोनों देशों के बीच निवेश सहयोग को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। India-UAE Trade Relations के तहत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।
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वैश्विक व्यापार रणनीति में UAE की अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि UAE भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
भारत के लिए UAE न सिर्फ खाड़ी देशों बल्कि पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंच बनाने का मजबूत माध्यम है। यही वजह है कि सरकार UAE के साथ आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दे रही है। India-UAE Trade Relations आने वाले समय में भारत की निर्यात नीति और वैश्विक आर्थिक विस्तार में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ब्रिटेन के साथ भी व्यापार बढ़ाने की तैयारी
भारत सिर्फ UAE ही नहीं बल्कि अन्य बड़े देशों के साथ भी व्यापारिक संबंध मजबूत कर रहा है। हाल ही में भारत और ब्रिटेन के बीच Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) पर चर्चा तेज हुई है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पीटर काइल के बीच हुई बातचीत में निवेश और व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह रणनीति वैश्विक स्तर पर उसकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करेगी।
आर्थिक सहयोग से बढ़ेगी वैश्विक ताकत
भारत और UAE के बीच तेजी से बढ़ते व्यापारिक संबंध यह दिखाते हैं कि दोनों देश सिर्फ रणनीतिक साझेदार ही नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक सहयोग के मजबूत स्तंभ बनते जा रहे हैं।
India-UAE Trade Relations में आई यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी आने वाले समय में रोजगार, निवेश और निर्यात के नए अवसर पैदा कर सकती है। दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक रिश्ते यह संकेत देते हैं कि भविष्य में यह साझेदारी वैश्विक व्यापार की नई मिसाल बन सकती है।
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