Mali Defence Minister Sadio killed: पश्चिम अफ्रीकी देश माली इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। शनिवार को एक आत्मघाती कार बम हमले में माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की दर्दनाक मौत हो गई। यह हमला जुंटा के गढ़ माने जाने वाले ‘किता’ क्षेत्र में उनके निजी आवास पर हुआ। इस हृदयविदारक घटना में न केवल रक्षा मंत्री, बल्कि उनकी दूसरी पत्नी और दो मासूम पोते-पोतियों ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हमले ने माली की सैन्य सरकार (जुंटा) की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
रक्षा मंत्री की हत्या उस वक्त हुई जब अल-कायदा से जुड़े आतंकी संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (JNIM) और तुआरेग अलगाववादी समूह आज़ाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) ने राजधानी बमाको सहित देश के कई हिस्सों में समन्वित (Coordinated) हमले शुरू किए। इन हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बमाको अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और काटी सैन्य बेस के पास घंटों तक भारी गोलाबारी और धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थिति को देखते हुए सरकार ने राजधानी में तीन दिनों के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। (Mali Defence Minister Sadio killed)
JNIM और अलगाववादियों का खूनी गठबंधन
माली में जारी इस हिंसा की सबसे चौंकाने वाली बात अल-कायदा से जुड़े आतंकियों और तुआरेग अलगाववादियों का एक साथ आना है। FLA के प्रवक्ता मोहम्मद एल मौलूद रमजान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने JNIM के साथ मिलकर इस ‘जॉइंट ऑपरेशन’ को अंजाम दिया है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा, ‘यह ऑपरेशन JNIM के साथ पार्टनरशिप में किया जा रहा है, जो बमाको में मिलिट्री शासन के खिलाफ लोगों की रक्षा करने के लिए भी कमिटेड है।’ (Mali Defence Minister Sadio killed)
राजधानी बमाको से लेकर हवाई अड्डे तक कोहराम
शनिवार सुबह बमाको के मोदिबो कीता इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आतंकियों ने हमला बोला, जिससे हवाई सेवा पूरी तरह ठप हो गई। इसके साथ ही काटी मिलिट्री बेस, जो कि माली की सेना का सबसे महत्वपूर्ण ठिकाना है, वहां भी आत्मघाती हमलावरों ने घुसपैठ की कोशिश की। राजधानी के अलावा सेवरे, किडाल और गाओ जैसे प्रमुख शहर भी धमाकों से गूंज उठे। चश्मदीदों के मुताबिक, सेना ने हमलावरों को रोकने के लिए लड़ाकू हेलीकॉप्टर तैनात किए और सड़कों पर टैंक उतार दिए। (Mali Defence Minister Sadio killed)
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किडाल और गाओ पर अलगाववादियों का कब्जा
अलगाववादी समूहों ने उत्तरी माली के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों किडाल और गाओ के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण हासिल करने का दावा किया है। वे लंबे समय से ‘अजावाद’ नाम के एक स्वतंत्र राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। इन शहरों पर कब्जे की खबर ने माली सरकार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह इलाका सैन्य दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। (Mali Defence Minister Sadio killed)
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विदेशी मदद और रूस का हस्तक्षेप
माली की वर्तमान सैन्य सरकार, जो 2020-21 के तख्तापलट के बाद सत्ता में आई थी, अब पश्चिमी देशों को छोड़कर रूसी सुरक्षा सहायता (वागनर ग्रुप) पर काफी निर्भर है। अलगाववादियों ने रूस को संबोधित करते हुए एक सख्त संदेश जारी किया है, ‘विदेशी सपोर्ट ने आम लोगों के लिए हालात और खराब कर दिए हैं। रूस को माली की मिलिट्री सरकार को दिए जा रहे अपने समर्थन पर फिर से सोचना चाहिए।’ (Mali Defence Minister Sadio killed)
वैश्विक प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘सेक्रेटरी-जनरल माली में कई जगहों पर हमलों की खबरों से बहुत परेशान हैं। वह हिंसा की इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं और आम लोगों की सुरक्षा की ज़रूरत पर जोर देते हैं।’ सरकार ने पुष्टि की है कि इन हमलों में अब तक 16 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें सैनिक और नागरिक दोनों शामिल हैं। हालांकि, रक्षा मंत्री जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्ति की हत्या ने माली में स्थिरता के दावों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। (Mali Defence Minister Sadio killed)
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