Supreme Court order Meerut: मेरठ में अवैध निर्माण को लेकर अब सख्त कार्रवाई होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शहर में चिन्हित 44 इमारतों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिन्हें तय समय सीमा के भीतर ध्वस्त किया जाएगा। इन इमारतों में शिक्षण संस्थान, अस्पताल और व्यावसायिक भवन भी शामिल हैं, जिससे मामला काफी संवेदनशील बन गया है।
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Supreme Court order Meerut: मामला कैसे बढ़ा आगे
शहर में लंबे समय से बिना अनुमति या नियमों के उल्लंघन कर बनाए गए निर्माणों की शिकायतें मिल रही थीं। जब इन शिकायतों की जांच हुई, तो कई इमारतें नियमों के विपरीत पाई गईं। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा, जहां से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
Supreme Court order Meerut: पहले बंद, अब पूरी तरह हटेंगी इमारतें
प्रशासन ने शुरुआत में इन भवनों को सील कर दिया था, ताकि उनका उपयोग रोका जा सके। अब अगले चरण में इन्हें पूरी तरह गिराने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया तय नियमों के तहत और सुरक्षा के साथ की जाएगी।
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Supreme Court order Meerut: स्कूल और अस्पताल भी दायरे में
कार्रवाई के दायरे में कुछ स्कूल और अस्पताल भी हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों और मरीजों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
Supreme Court order Meerut: दो महीने की समय सीमा तय
इन सभी इमारतों को हटाने के लिए करीब दो महीने का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान नोटिस जारी करना, दस्तावेजों की जांच और सुरक्षा इंतजाम जैसे जरूरी काम पूरे किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी कार्रवाई को सही तरीके से पूरा करने के लिए यह समय जरूरी है।
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Supreme Court order Meerut: तेजी से चल रही तैयारी
मेरठ विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने मिलकर इस कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है, जो हर भवन का निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही मशीनरी और अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि तय समय के भीतर कार्रवाई पूरी हो सके।
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Supreme Court order Meerut: लोगों की अलग-अलग राय
इस फैसले को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को नुकसान और असुविधा की चिंता सता रही है। खासकर उन लोगों में चिंता ज्यादा है, जिनका इन भवनों से सीधा जुड़ाव है।
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Supreme Court order Meerut: पूरे प्रदेश के लिए संदेश
यह कार्रवाई सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक संकेत है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
आने वाले दिनों में इन सभी 44 इमारतों की सूची सार्वजनिक की जा सकती है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू होगी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और प्रभावित लोगों को पहले ही जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
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