Bangladesh PM Oath: बांग्लादेश की पॉलिटिक्स में बड़ा बदलाव आया है। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर देश में एक नई पॉलिटिकल पारी शुरू की है। उन्हें मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ऑफिशियली शपथ दिलाई। 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 209 सीटें जीतकर पूरी मेजोरिटी हासिल की और करीब 20 साल बाद सत्ता में शानदार वापसी की।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद 50 सदस्यों वाली कैबिनेट में 41 नए चेहरे शामिल किए गए हैं, जिनमें दो हिंदू मंत्री भी शामिल हैं। इससे देश में सबको साथ लेकर चलने वाली पॉलिटिक्स और बदलाव की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
Bangladesh PM Oath: 209 सीटों की जीत – बांग्लादेश की पॉलिटिक्स कैसे बदली?
12 फरवरी के चुनावों में BNP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 209 सीटें जीतीं। लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बाद पार्टी ने जनता के बीच बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक सुधारों के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि इस जीत में युवाओं और मिडिल क्लास के सपोर्ट का अहम रोल रहा। सोशल मीडिया कैंपेन, टेक्नोक्रेट्स को बढ़ावा देने की स्ट्रैटेजी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैये ने पार्टी को नई एनर्जी दी।
Bangladesh PM Oath: 50 सदस्यों वाली कैबिनेट – 41 नए चेहरे क्यों खास हैं?
नई सरकार में कुल 50 मंत्री शामिल किए गए हैं, जिनमें से 41 पहली बार मंत्री बने हैं। यह कदम साफ तौर पर ‘नई सोच, नई टीम’ स्ट्रैटेजी को दिखाता है।
- टेक्नोक्रेट्स की एंट्री: नई कैबिनेट में इकोनॉमिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एजुकेशन और हेल्थ के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। यह साफ तौर पर सरकार की प्रायोरिटी दिखाता है, पॉलिसी के लिए प्रोफेशनल अप्रोच।
- यंग लीडरशिप को बढ़ावा देना: कई मिनिस्टर 40-45 एज ग्रुप के हैं, जो बांग्लादेश की यंग पॉपुलेशन को रिप्रेजेंट करते हैं।
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Bangladesh PM Oath: दो हिंदू मिनिस्टर्स – मैसेज क्या है?
नई सरकार में दो हिंदू चेहरों को मिनिस्टर पोस्ट दी गई हैं। इस फैसले को बांग्लादेश की मल्टीकल्चरल और मल्टी-रिलीजियस आइडेंटिटी को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे माइनॉरिटी कम्युनिटी के बीच भरोसा बढ़ेगा और सरकार की इनक्लूसिव पॉलिसी का सिग्नल मिलेगा।
Bangladesh PM Oath: BNP की वापसी – 20 साल बाद पार्टी सत्ता में कैसे लौटी?
लगभग दो दशक तक सत्ता से बाहर रहने के बाद, BNP ने अपने जमीनी संगठन को मजबूत किया। पार्टी चीफ तारिक रहमान ने विदेश में रहते हुए भी डिजिटल तरीकों से पार्टी वर्कर्स से बातचीत जारी रखी।
चुनाव कैंपेन के दौरान, उन्होंने जॉब क्रिएशन, फॉरेन इन्वेस्टमेंट, एजुकेशन रिफॉर्म और डिजिटल इकॉनमी पर खास जोर दिया। जनता ने इसे पॉजिटिव तरीके से लिया और यह नतीजों में साफ तौर पर दिखा।
Bangladesh PM Oath: सरकार की प्रायोरिटीज क्या होंगी?
नई सरकार ने शपथ लेने के तुरंत बाद कुछ खास प्राथमिकताओं के बारे में बताया है –
- आर्थिक सुधार और महंगाई को कंट्रोल करना
- विदेशी निवेश को आकर्षित करना
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर में सुधार
- अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और समान अवसर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार अपने पहले 100 दिनों में ठोस फैसले लेती है, तो यह कार्यकाल ऐतिहासिक साबित हो सकता है।
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Bangladesh PM Oath: इंटरनेशनल रिएक्शन
तारिक रहमान के शपथ लेने के बाद, कई देशों ने बधाई संदेश भेजे हैं। दक्षिण एशियाई राजनीति में यह बदलाव अहम माना जा रहा है। पड़ोसी देश अब नई सरकार की विदेश नीति पर करीब से नज़र रख रहे हैं।
नई स्ट्रैटेजी, खासकर भारत और चीन के साथ रिश्तों को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। आने वाले महीनों में ट्रेड, सिक्योरिटी और रीजनल कोऑपरेशन जैसे मुद्दों पर जरूरी फैसले होने की उम्मीद है।
Bangladesh PM Oath: जनता क्या कह रही है?
ढाका और दूसरे बड़े शहरों में जश्न मनाया गया। युवाओं ने इसे ‘नई शुरुआत’ बताया, जबकि कुछ विपक्षी पार्टियों ने चुनावी प्रोसेस पर सवाल उठाए। हालांकि, जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई की मांग उठ रही है।
Bangladesh PM Oath: आगे का रास्ता
तारिक रहमान के सामने कई चुनौतियां हैं। आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाए रखना उनकी सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
हालांकि, 41 नए चेहरों वाली कैबिनेट और टेक्नोक्रेट्स की भागीदारी से यह साफ है कि सरकार बदलाव का संदेश देना चाहती है। यह देखना बाकी है कि इस बदलाव का जमीन पर कितना असर होगा।
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