Naxalism Free India 2026: देश में आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सली हिंसा पूरी तरह समाप्त (Naxalism Free India 2026) कर दी जाएगी। राजधानी में आयोजित दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और अब यह अपने अंतिम चरण में है।
2026 तक नक्सली हिंसा मुक्त भारत का संकल्प
गृह मंत्री ने कहा कि 11 राज्यों में फैला नक्सलवाद लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त (Naxalism Free India 2026) कर दिया जाएगा। शाह ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास कार्यों के कारण हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है।
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‘स्वर्ण युग’ का दावा
शाह ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में 2014 से अब तक का दौर देश की आंतरिक सुरक्षा के इतिहास में ‘स्वर्ण युग’ रहा है। उनके अनुसार, 2014 से पहले देश को तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था- जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद, वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद), पूर्वोत्तर में हिंसा। गृह मंत्री का दावा है कि इन तीनों मोर्चों पर सरकार ने निर्णायक प्रगति की है।
पूर्वोत्तर में शांति समझौते और मुख्यधारा में वापसी
शाह ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों में 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। उन्होंने कहा कि 12 से अधिक शांति समझौतों के जरिए केंद्र सरकार ने क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप कई उग्रवादी संगठनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अपनाया है।
सीमाओं पर सख्ती, ‘एक भी घुसपैठिया नहीं’
गृह मंत्री ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसी मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित कर रही है, जिससे एक भी घुसपैठिया सीमा पार न कर सके। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में गृह मंत्रालय सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक आधुनिकीकरण करेगा।
डिजिटल सुरक्षा की नई रणनीति
शाह ने सुरक्षा तंत्र में डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए कहा कि गृह मंत्रालय देशभर में सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा। दिल्ली पुलिस के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस परियोजना के तहत 21,000 सीसीटीवी कैमरों वाला आधुनिक कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इनमें से 10,000 कैमरे शुरुआती चरण में चालू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी की सुरक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत बनाएगी।
स्पेशल सेल मुख्यालय की आधारशिला
कार्यक्रम के दौरान शाह ने दिल्ली पुलिस की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनमें स्पेशल सेल का एकीकृत मुख्यालय शामिल है। उन्होंने पुलिस बल की ‘उत्कृष्टता और सफलता’ की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण दोनों जरूरी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है। 2026 तक नक्सली हिंसा खत्म करने का लक्ष्य, पूर्वोत्तर में शांति समझौते, सीमाओं पर सख्ती और डिजिटल निगरानी प्रणाली इन सभी कदमों से केंद्र सरकार एक मजबूत आंतरिक सुरक्षा ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।अब देखना होगा कि तय समयसीमा तक नक्सलवाद (Naxalism Free India 2026) के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य किस हद तक हासिल हो पाता है।
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