Sunetra Pawar Takes Charge: महाराष्ट्र की राजनीति में भावनात्मक और ऐतिहासिक पल तब देखने को मिला, जब डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार ने अपने पति अजित पवार के निधन के 13 दिन बाद मंत्रालय में कार्यभार संभाला। निजी दुख के बीच उन्होंने जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए स्टेट सेक्रेटेरिएट में मंत्री के रूप में काम शुरू किया और अपनी पहली कैबिनेट बैठक (Sunetra Pawar Takes Charge) में हिस्सा लिया। उनका यह कदम न सिर्फ राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत दृढ़ता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
पुणे से मुंबई तक – आस्था और संकल्प का संदेश
मंगलवार सुबह सुनेत्रा पवार पुणे (Sunetra Pawar Takes Charge) से मुंबई पहुंचीं। मंत्रालय जाने से पहले उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए और दादर स्थित चैत्यभूमि पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने बड़े बेटे पार्थ पवार के साथ वे एनसीपी कार्यालय भी गईं, जहां उन्होंने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे जैसे वरिष्ठ नेता उनके साथ मंत्रालय पहुंचे। यह मुलाकातें स्पष्ट संकेत थीं कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
पहली कैबिनेट बैठक में भागीदारी
कार्यभार संभालने के बाद सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया। यह उनके लिए एक अहम क्षण था, क्योंकि यह बैठक उनके राजनीतिक सफर की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है।
चार्ज लेने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि नई जिम्मेदारी संभालते हुए उन्हें भरोसे, कर्तव्य और त्याग की गहरी भावना महसूस हुई। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के विकास के लिए अजित पवार साहेब का जीवनभर का समर्पण और जनता के लिए उनका अथक कार्य मुझे हमेशा मार्गदर्शन देता रहेगा।’
कितनी पढ़ी-लिखी हैं सुनेत्रा पवार?
राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि सुनेत्रा पवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, शिक्षा के मामले में सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar Takes Charge) को एक शिक्षित और जागरूक नेता के रूप में देखा जाता है। उन्होंने अप्रैल 1983 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से बी.कॉम (B.Com) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने औरंगाबाद स्थित एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से स्नातकोत्तर (Post-Graduation) की पढ़ाई पूरी की। कॉमर्स विषय में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें वित्त, प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े विषयों की गहरी समझ दी है, जो सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को मजबूत बनाती है।
राजनीति के अलावा, सुनेत्रा पवार ने सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर भी विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने सोशल डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई कोर्स किए हैं। वह Environmental Forum of India की संस्थापक हैं। यह संस्था सस्टेनेबिलिटी, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम करती है। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर उनका सक्रिय दृष्टिकोण लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।
कब ली शपथ और कौन-कौन से विभाग?
सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी मुख्यमंत्री (Sunetra Pawar Takes Charge) के रूप में शपथ ली थी। यह शपथ उनके पति अजित पवार के पुणे जिले में हुए एक एयर क्रैश में निधन के तीन दिन बाद दिलाई गई थी। उन्हें वित्त विभाग को छोड़कर स्टेट एक्साइज ड्यूटी, खेल और युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये विभाग पहले अजित पवार के पास थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन विभागों के जरिए उन्हें प्रशासनिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।
शोक से शक्ति तक – नई राजनीतिक पारी
सुनेत्रा पवार की एंट्री को केवल सहानुभूति की राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे महिला नेतृत्व के एक नए अध्याय के रूप में भी देखा जा रहा है। महाराष्ट्र को पहली महिला डिप्टी CM (Sunetra Pawar Takes Charge) मिलने से राज्य की राजनीति में एक नया संदेश गया है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी-अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रशासनिक कुशलता साबित करना। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सुनेत्रा पवार किस तरह से अपनी पहचान बनाती हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी भूमिका को मजबूत करती हैं।
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