8th Pay Commission Update 2026: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Update 2026) का इंतज़ार कर रहे हैं। अब इस मुद्दे पर सरकार की ओर से एक अहम जानकारी सामने आई है। राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया जा चुका है। इसकी अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। हालांकि आयोग के गठन की पुष्टि के साथ ही यह भी साफ हो गया है कि कर्मचारियों को वेतन संशोधन के लिए अभी लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है।
राज्यसभा में सरकार का जवाब – तय समय में आएगी रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए बताया कि आयोग (8th Pay Commission Update 2026) निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि आयोग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़ी शर्तों की व्यापक समीक्षा करेगा। सरकार के अनुसार, आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि रिपोर्ट साल 2027 तक सरकार को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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क्या-क्या होगा समीक्षा के दायरे में?
8वें वेतन आयोग के तहत कई अहम बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी, जिनमें शामिल हैं-
- मूल वेतन संरचना
- महंगाई भत्ता (DA)
- विभिन्न भत्ते
- पेंशन की शर्तें
- सेवा से जुड़े अन्य लाभ
सरकार का कहना है कि आयोग सभी पहलुओं का अध्ययन कर व्यावहारिक और संतुलित सिफारिशें देगा। हालांकि, सिफारिशों के लागू होने की तारीख फिलहाल तय नहीं है।
बढ़ेगा कितना खर्च? सरकार ने अभी नहीं खोले पत्ते
सांसदों ने यह भी पूछा कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Update 2026) की सिफारिशें लागू होने पर सरकार के बजट पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस पर सरकार ने साफ कहा कि फिलहाल इसका सटीक आकलन संभव नहीं है। सरकार के मुताबिक, जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं करता और उसे मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक वित्तीय प्रभाव का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यानी बजट की पूरी तस्वीर आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों की नाराज़गी – 12 फरवरी 2026 को हड़ताल
इस बीच कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। संगठनों की प्रमुख मांगें हैं-
- 20 प्रतिशत अंतरिम राहत
- 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करना
- नई पेंशन योजना (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं होतीं, तब तक कर्मचारियों को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।
आगे क्या?
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission Update 2026) के गठन से कर्मचारियों को उम्मीद तो जरूर जगी है, लेकिन रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना ने इंतज़ार लंबा कर दिया है। ऐसे में आने वाले महीनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत और तेज़ हो सकती है। फिलहाल नजरें 12 फरवरी की हड़ताल पर टिकी हैं, जो सरकार के लिए कर्मचारियों के मूड का संकेत साबित हो सकती है।
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार की स्थिति साफ होने के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं। हालांकि आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन रिपोर्ट आने में समय लगना तय है। ऐसे में अंतरिम राहत और डीए मर्जर जैसे मुद्दे फिलहाल कर्मचारियों के लिए अहम बने हुए हैं। 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल सरकार के लिए बड़ा संकेत हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में बातचीत और तेज होने की संभावना है।
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