Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ (Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2) का बहुप्रतीक्षित दूसरा एपिसोड आज रिलीज हो गया। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने सिर्फ परीक्षा से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दिए, बल्कि छात्रों को जीवन, नेतृत्व, आदतों और विकसित भारत की सोच से भी जोड़ा। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री का लहजा हमेशा की तरह सहज, प्रेरक और संवादात्मक रहा, जिसने छात्रों को खुलकर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया।
‘यह मेरे लिए सिखाने का नहीं, सीखने का कार्यक्रम है’
एपिसोड की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कार्यक्रम के मकसद को बेहद सरल शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि वे कई वर्षों से 10वीं और 12वीं के छात्रों से बातचीत करते आ रहे हैं और ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2) उनके लिए सिखाने का नहीं, बल्कि सीखने का मंच है। प्रधानमंत्री ने माना कि छात्रों के सवाल उन्हें भी नई पीढ़ी की सोच, चुनौतियों और सपनों को समझने का मौका देते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि खुद को समझना और अपनी क्षमताओं को पहचानना भी उतना ही जरूरी है।

पढ़ाई, जुनून और करियर – छात्रों को दिया साफ संदेश
पीएम मोदी ने छात्रों को पढ़ाई और जुनून के बीच के फर्क को समझाने पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र को पढ़ाई के साथ-साथ किसी और क्षेत्र जैसे स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन या क्रिएटिव फील्ड में रुचि है, तो उसे आगे बढ़ने से डरना नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री ने साफ कहा, ‘कुछ नया शुरू करने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं होती।’ उनके इस बयान को छात्रों ने काफी सकारात्मक रूप में लिया, खासकर उन युवाओं ने जो पढ़ाई के साथ अपने सपनों को लेकर असमंजस में रहते हैं।
2047 का विकसित भारत – छात्रों की सोच ने पीएम मोदी को किया खुश
कार्यक्रम के दौरान जब एक छात्र ने सवाल पूछा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए छात्र क्या कर सकते हैं, तो पीएम मोदी ने (Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2) इसे बेहद अहम सवाल बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि देश के 10वीं-12वीं के छात्रों के मन में भी विकसित भारत का सपना है।प्रधानमंत्री ने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए समझाया कि कोई भी देश सिर्फ नीतियों से नहीं, बल्कि नागरिकों की आदतों से आगे बढ़ता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर हमें विकसित देश बनना है तो छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना होगा-
- सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा न फैलाना
- कहीं भी थूकने जैसी आदतों से बचना
- खाने के बाद गंदगी न छोड़ना
- देश में बनी चीजों को प्राथमिकता देना
पीएम मोदी ने कहा कि एक नागरिक के रूप में अगर हम ये छोटे संकल्प निभाते हैं, तो हम भी विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
नेतृत्व की सोच – नेता बनने का मतलब चुनाव नहीं
‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण (Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2) के तहत पीएम मोदी ने नेतृत्व को लेकर भी छात्रों से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नेता बनने का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं होता। एक अच्छा नेता वही होता है जो पहल करने की मानसिकता रखता हो और अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से रख सके। प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे स्कूल, परिवार और समाज में छोटी जिम्मेदारियां लेकर नेतृत्व की शुरुआत कर सकते हैं।
पिछले एपिसोड की सीख – नंबर नहीं, नजरिया अहम
पीएम मोदी ने पिछले एपिसोड की बात को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए। कॉन्सेप्ट को समझना ज्यादा जरूरी है, न कि सिर्फ नंबर लाना। मार्क्स कुछ समय तक साथ रहते हैं, लेकिन जीवन की असली परीक्षा में सोच, संस्कार और आत्मविश्वास काम आते हैं।
छात्रों के लिए संदेश
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का दूसरा एपिसोड (Pariksha Pe Charcha 2026 Episode 2) सिर्फ परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि जिंदगी की तैयारी का संदेश देता है। पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया कि छात्र अगर तनाव से ऊपर उठकर सोचें, अपनी आदतें सुधारें और जिम्मेदार नागरिक बनें, तो वही विकसित भारत की असली नींव होगी।
Also read: महिला सशक्तिकरण को बजट से मिला ठोस आधार, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल, महिलाओं को बड़ी राहत



