What is 3-3-3 Weight Loss Method: आज के दौर में वजन घटाना जितना जरूरी हो गया है, उतना ही जटिल भी। कोई इंटरमिटेंट फास्टिंग की सलाह देता है, तो कोई कार्ब पूरी तरह छोड़ने को कहता है। ऐसे में आम लोग कंफ्यूज हो जाते हैं और कुछ समय बाद हार मान लेते हैं। इसी समस्या का सरल समाधान बनकर सामने आया है 3-3-3 वेट लॉस मेथड, जिसे हेल्थ कोच सिमरुन चोपड़ा ने विकसित (What is 3-3-3 Weight Loss Method) किया है। यह मेथड उन लोगों के लिए खास है, जो भारी एक्सरसाइज, कैलोरी गिनने और सख्त डाइट से थक चुके हैं और एक आसान, संतुलित और लंबे समय तक टिकने वाला तरीका चाहते हैं।
क्या है 3-3-3 वेट लॉस फॉर्मूला (What is 3-3-3 Weight Loss Method)?
3-3-3 मेथड तीन सरल स्तंभों पर आधारित है—
- तीन संतुलित भोजन
- तीन जरूरी आदतें
- तीन चीजें जिनसे बचना है
इसका मकसद सिर्फ वजन कम करना नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है, ताकि वजन अपने आप संतुलित होने लगे।
Read More: सांस फूलना क्यों बनता है दिल का अलार्म? छोटी परेशानी, बन सकती है बड़ा खतरा

पहला नियम – दिन में तीन संतुलित भोजन
इस मेथड में बार-बार खाने या भूखे रहने की जरूरत नहीं है। आपको दिन में सिर्फ तीन बार संतुलित भोजन करना होता है। हर भोजन में शामिल हों-
- प्रोटीन – अंडा, पनीर, दाल, चिकन या दही
- फाइबर युक्त कार्बोहाइड्रेट – सब्जियां, फल, ब्राउन राइस या ओट्स
- स्वस्थ फैट – नट्स, बीज, घी या ऑलिव ऑयल
यह संतुलन ब्लड शुगर को स्थिर रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है।
दूसरा नियम – तीन जरूरी आदतें अपनाएं
- भोजन के बाद टहलना
- हर खाने के बाद 15–20 मिनट हल्की वॉक जरूरी है। इससे शरीर में शुगर मसल्स तक पहुंचती है और फैट के रूप में जमा नहीं होती।
- पर्याप्त पानी
- दिन में कम से कम 2 लीटर पानी पिएं। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और प्यास को भूख समझने की गलती नहीं होती।
- पूरी नींद
- 7–8 घंटे की नींद हार्मोन बैलेंस के लिए बेहद जरूरी है। नींद की कमी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को एक्टिव कर देती है, जिससे वजन बढ़ता है।
तीसरा नियम – इन तीन चीजों से दूरी बनाएं
- स्क्रीन के साथ खाना – मोबाइल या टीवी देखते हुए खाने से दिमाग को सिग्नल नहीं मिलता कि पेट भर चुका है, जिससे ओवरईटिंग होती है।
- रात 8 बजे के बाद खाना – देर रात खाना पाचन और नींद दोनों को बिगाड़ सकता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
- तरल कैलोरी – कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और मीठी कॉफी जैसी चीजें खाली कैलोरी देती हैं, जिनसे वजन तेजी से बढ़ता है।
क्या यह मेथड वैज्ञानिक रूप से सही है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 3-3-3 मेथड बैलेंस्ड न्यूट्रिशन, फिजिकल मूवमेंट और स्लीप साइंस पर आधारित है। यह किसी क्रैश डाइट की तरह शरीर को झटका नहीं देता। विशेषज्ञ मानते हैं कि कंसिस्टेंसी (निरंतरता) वजन घटाने की सबसे बड़ी कुंजी है, और यही इस मेथड की सबसे बड़ी ताकत है।
किसके लिए सबसे फायदेमंद है यह मेथड? (What is 3-3-3 Weight Loss Method)
- ऑफिस जाने वाले लोग
- शुरुआती फिटनेस करने वाले
- डाइटिंग से परेशान लोग
- 30+ उम्र के लोग जिनका मेटाबॉलिज्म स्लो हो रहा है
आसान नियम, बड़ा असर
3-3-3 वेट लॉस मेथड (What is 3-3-3 Weight Loss Method) यह साबित करता है कि वजन घटाने के लिए खुद को भूखा रखना जरूरी नहीं। थोड़े से अनुशासन और सही आदतों के साथ आप स्वस्थ, फिट और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
Also read: कितनी ठंड सह सकता है इंसान का शरीर? अचानक गिरता तापमान क्यों बन जाता है जानलेवा खतरा



