Padma Shri Award Praveen Kumar: ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र के गोविंदगढ़ गांव के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को खेल में अद्भुत योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही उनके घर और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग प्रवीण को बधाई देने उनके घर और आसपास जमा हो रहे हैं, और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जश्न मना रहे हैं।
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Padma Shri Award Praveen Kumar: पैरा एथलेटिक्स में प्रवीण का शानदार सफर
21 साल की उम्र में प्रवीण कुमार ने पैरा एथलेटिक्स में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारत का नाम रौशन किया। साल 2024 में पेरिस पैरा ओलंपिक में उन्होंने हाई जंप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम विश्व स्तर पर चमकाया। इससे पहले साल 2022 में एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रवीण ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया। बावजूद इसके उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से खेल की दुनिया में भारत का मान बढ़ाया।
Padma Shri Award Praveen Kumar: सीएम योगी ने किया सम्मानित करने का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही प्रवीण कुमार की उपलब्धियों की सराहना की थी। उनकी खेल प्रतिभा को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सीधी भर्ती योजना के तहत प्रवीण को डीसीपी पद पर नियुक्ति देने का फैसला किया।
पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा के बाद से ही प्रवीण के घर और गांव में खुशी का माहौल है। सभी लोग ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मना रहे हैं और इस युवा एथलीट की उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
Padma Shri Award Praveen Kumar: गांववालों ने बताया गर्व का अनुभव
गांव के लोग कह रहे हैं कि प्रवीण ने यह साबित कर दिया कि साधारण परिवेश और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद भी मजबूत इरादों से सफलता हासिल की जा सकती है। उनका साहस और मेहनत आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
उनके पिता अमरपाल सिंह ने बताया कि प्रवीण ने बचपन से ही कभी हिम्मत नहीं हारी। शारीरिक कठिनाइयों और संसाधनों की कमी के बावजूद प्रवीण ने हमेशा मेहनत और लगन से काम किया।
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Padma Shri Award Praveen Kumar: बचपन से ही खेल में रुचि
प्रवीण ने खुद बताया कि उनका बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। उनके जितने भी साथी थे, वे उन्हें खेलों में शामिल नहीं करते थे। उन्हें दौड़ में सही से भाग लेने में कठिनाई होती थी। लेकिन एक बार स्कूल में आयोजित दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने पहली बार हाई जंप किया, और सभी लोग उनके प्रदर्शन को देखकर अचंभित रह गए।
यहीं से प्रवीण ने ठान लिया कि यह खेल ही उनकी जिंदगी की दिशा होगी। इसके बाद उन्होंने दिन-रात मेहनत की और अपने करियर में कई रिकॉर्ड बनाए।
Padma Shri Award Praveen Kumar: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन
प्रवीण ने साल 2023 में विश्व पैरा एथलेटिक्स और साल 2025 में नई दिल्ली में आयोजित पैरा एथलेटिक्स में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूती दिखाई। उनके शानदार प्रदर्शन ने देशवासियों के दिल में गर्व और युवाओं में उत्साह भर दिया। उनकी उपलब्धियां सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे देश और खासकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
Padma Shri Award Praveen Kumar: पद्मश्री पुरस्कार के बाद जश्न का माहौल
पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा होते ही प्रवीण के घर और गांव में खुशी का माहौल है। लोग ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते हुए प्रवीण की सफलता का जश्न मना रहे हैं। यह सम्मान प्रवीण के कठिन संघर्ष, साहस और खेल के प्रति समर्पण का प्रतिफल है।
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Padma Shri Award Praveen Kumar: संघर्ष और प्रेरणा की कहानी
प्रवीण का जीवन यह साबित करता है कि सपने केवल बड़े शहरों में नहीं, बल्कि छोटे गांवों में भी पूरे किए जा सकते हैं। साधारण परिवार, सीमित संसाधन और शारीरिक चुनौतियां उनके लिए कभी बाधा नहीं बनीं। उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने उन्हें देश का गौरव और युवाओं के लिए प्रेरणा बना दिया।
Padma Shri Award Praveen Kumar: भविष्य के लिए संदेश
प्रवीण कुमार की कहानी यह सिखाती है कि कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए। हर चुनौती को अवसर में बदलकर, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। पद्मश्री पुरस्कार उनके अद्भुत प्रदर्शन और देश के प्रति योगदान का सम्मान है।
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