Global Politics: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर दुनिया के सामने एक बार फिर अपना आक्रामक और साफ संदेश रख दिया है। स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच से ट्रंप ने न सिर्फ ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग दोहराई, बल्कि डेनमार्क और यूरोप को लेकर भी तीखे बयान दिए।
अपने भाषण में ट्रंप ने साफ कर दिया कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और अगर अमेरिका चाहे तो ताकत का इस्तेमाल भी कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे ऐसा नहीं करना चाहतेलेकिन ‘ना’ का जवाब अमेरिका याद रखेगा।
Global Politics– WEF मंच से ट्रंप का शक्ति प्रदर्शन
डोनाल्ड ट्रंप को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में 20 मिनट का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने एक घंटे से ज्यादा तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और दावा किया कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था इस वक्त दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बन चुकी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वैश्विक अर्थव्यवस्था का इंजन है और जब अमेरिका आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया को इसका फायदा मिलता है।
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‘ग्रीनलैंड सिर्फ अमेरिका ही सुरक्षित रख सकता है’
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका के अलावा कोई भी देश या देशों का समूह ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं कर सकता।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘अगर मैं चाहूं तो ज्यादा ताकत का इस्तेमाल कर सकता हूं और तब हमें कोई रोक नहीं पाएगा। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। हमारी मांग बहुत बड़ी नहीं है। अमेरिका सिर्फ ग्रीनलैंड नाम की एक जगह चाहता है।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका बिना किसी हिंसा या जबरदस्ती के ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।

‘हां कहेंगे तो तारीफ होगी, ना कहा तो याद रखेंगे’
अपने बयान के सबसे विवादित हिस्से में ट्रंप ने सीधे चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘मैं ताकत का इस्तेमाल नहीं करना चाहता। आप हां कहेंगे तो इसकी तारीफ होगी, आप ना कह सकते हैं और हम इसे याद रखेंगे।’ इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है।
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Global Politics– ‘एहसान फरामोश देश’
डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क को लेकर भी बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क सिर्फ 6 घंटे में जर्मनी के सामने हार गया था। वह न खुद की और न ही ग्रीनलैंड की रक्षा कर पाया।’ ट्रंप ने दावा किया कि उस वक्त अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड की रक्षा की थी, लेकिन बाद में ग्रीनलैंड डेनमार्क को लौटा दिया गया।’आज डेनमार्क अमेरिका के इस योगदान को नहीं मान रहा, जो गलत है।’
Global Politics– ग्रीनलैंड क्यों चाहता है अमेरिका?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के पीछे केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक कारण हैं। उनके मुताबिक, ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका के पश्चिमी गोलार्ध के प्रभाव क्षेत्र में आती है, जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर तत्काल बातचीत शुरू करने की मांग भी की। ‘अगर अमेरिका खुश है, तो दुनिया खुश है’ अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका दुनिया की अर्थव्यवस्था का इंजन है। जब अमेरिका की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है, तो पूरी दुनिया को फायदा मिलता है। अगर अमेरिका खुश है, तो दुनिया भी खुश रहती है।’ उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण अमेरिका में आर्थिक बूम देखने को मिल रहा है।
Global Politics– चीन और ग्रीन एनर्जी पर हमला
ग्रीन टेक्नोलॉजी को लेकर ट्रंप ने चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘ग्रीन एनर्जी को लेकर चीन दुनिया को बेवकूफ बना रहा है। क्या आपने चीन में कभी विंड फार्म देखा है? वे सिर्फ प्रदर्शन के लिए बनते हैं।’
Global Politics– वेनेजुएला को लेकर बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के तहत वेनेजुएला अब ज्यादा पैसा कमाएगा।’मेरे कार्यकाल में वेनेजुएला का तेल और गैस उत्पादन बढ़ा है। आने वाले 6 महीनों में वेनेजुएला पिछले 20 सालों से ज्यादा पैसा कमाएगा।’ उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब तक वेनेजुएला से करीब 50 मिलियन बैरल तेल आयात कर चुका है।
Global Politics– ‘सही दिशा में नहीं जा रहा’
ट्रंप ने कहा कि उन्हें यूरोप से प्यार है, लेकिन बड़े पैमाने पर माइग्रेशन ने यूरोप को नुकसान पहुंचाया है। ‘यूरोप इस समय सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की शुरुआत 19 जनवरी से हुई है और यह 23 जनवरी तक चलेगा। इसमें 130 देशों के 3,000 से ज्यादा ग्लोबल लीडर्स, CEOs, एक्टिविस्ट और पॉलिसी मेकर्स हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान ट्रंप कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात भी करेंगे।



