Robotic Surgery in India: मेडिकल साइंस में हो रही तेज तरक्की ने इलाज के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। आज सर्जरी सिर्फ बड़े चीरे और लंबे दर्द तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीकों की मदद से अब सर्जरी ज्यादा सटीक, सुरक्षित और मरीज के लिए कम कष्टदायक हो गई है। इन्हीं उन्नत तकनीकों में से एक है रोबोटिक सर्जरी, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल और भ्रम बने रहते हैं।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या रोबोटिक सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब यह सर्जरी प्रशिक्षित और अनुभवी सर्जन द्वारा की जाती है, तो यह पारंपरिक सर्जरी जितनी ही सुरक्षित, बल्कि कई मामलों में उससे ज्यादा सुरक्षित साबित होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसकी उच्च सटीकता और नियंत्रित तकनीक।
रोबोटिक सिस्टम में कई अत्याधुनिक सेफ्टी फीचर्स मौजूद होते हैं। अगर किसी तकनीकी कारण से सिस्टम में कोई समस्या आती है, तो सर्जन तुरंत कंट्रोल अपने हाथ में लेकर सर्जरी रोक सकता है या जरूरत पड़ने पर पारंपरिक सर्जरी में बदल सकता है। इसके अलावा, रोबोटिक आर्म्स में मौजूद हैंड ट्रेमर फिल्टर डॉक्टर के हाथों के हल्के कंपन को भी पूरी तरह खत्म कर देता है, जिससे ऑपरेशन और ज्यादा सटीक हो जाता है।
Robotic Surgery in India: रोबोटिक सर्जरी में डॉक्टर की भूमिका कितनी अहम?
रोबोटिक सर्जरी को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यही है कि ऑपरेशन रोबोट खुद करता है। जबकि हकीकत यह है कि रोबोट एक एडवांस मशीन मात्र है, जिसे पूरी तरह डॉक्टर कंट्रोल करता है। रोबोट न तो अपने आप कोई निर्णय ले सकता है और न ही बिना डॉक्टर के निर्देश के कोई हरकत कर सकता है।
डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर में मौजूद एक विशेष कंसोल पर बैठकर रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित करता है। डॉक्टर के हाथों की हर मूवमेंट बिल्कुल उसी तरह रोबोट तक पहुंचती है, लेकिन कई गुना ज्यादा स्थिरता और सटीकता के साथ। अगर डॉक्टर हाथ रोकता है, तो रोबोट भी उसी पल रुक जाता है।
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Robotic Surgery in India: डॉक्टरों को कैसे मिलती है रोबोटिक सर्जरी की ट्रेनिंग?
रोबोटिक सर्जरी कोई सामान्य तकनीक नहीं है। इसके लिए डॉक्टरों को कठिन और विशेष ट्रेनिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले सर्जन को पारंपरिक और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में निपुण होना जरूरी होता है। इसके बाद उन्हें एडवांस सिम्युलेटर पर अभ्यास, लाइव सर्जरी की ट्रेनिंग, अनुभवी सीनियर सर्जनों की निगरानी में केस और अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पूरे करने होते हैं।
इसका मतलब यह है कि रोबोटिक सर्जरी करने वाला डॉक्टर पहले से ही उच्च स्तर का विशेषज्ञ होता है, जिससे मरीज की सुरक्षा और परिणाम दोनों बेहतर होते हैं।
Robotic Surgery in India: क्या रोबोटिक सर्जरी बहुत महंगी होती है?
यह भी एक अहम सवाल है, जो लगभग हर मरीज के मन में आता है। सच यह है कि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआती लागत पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कुछ ज्यादा हो सकती है, क्योंकि –
• रोबोटिक मशीन बेहद महंगी होती है
• इसके मेंटेनेंस और उपकरणों की लागत अधिक होती है
• विशेष रूप से प्रशिक्षित सर्जन की आवश्यकता होती है
हालांकि, कई मामलों में मरीज की तेज रिकवरी, कम अस्पताल में भर्ती, कम दर्द निवारक दवाइयों की जरूरत और जल्दी सामान्य जीवन में वापसी के कारण कुल खर्च का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रह जाता। अच्छी खबर यह भी है कि अब कई सरकारी और निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में भी आने लगी है।
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Robotic Surgery in India: रोबोटिक सर्जरी को लेकर आम मिथक
मिथक 1: रोबोट अपने आप ऑपरेशन करता है
सच्चाई: हर मूवमेंट डॉक्टर के कंट्रोल में होती है
मिथक 2: मशीन खराब हुई तो मरीज खतरे में पड़ जाएगा
सच्चाई: हर सिस्टम में बैकअप और मैनुअल कंट्रोल मौजूद होता है
मिथक 3: यह नई और प्रयोगात्मक तकनीक है
सच्चाई: दुनिया भर में 20 साल से ज्यादा समय से इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है
Robotic Surgery in India: भारत में रोबोटिक सर्जरी का बढ़ता दायरा
भारत में भी रोबोटिक सर्जरी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। एम्स, अपोलो, फोर्टिस, मेदांता जैसे बड़े और प्रतिष्ठित अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। खासतौर पर कैंसर सर्जरी, यूरोलॉजी, स्त्री रोग और जनरल सर्जरी में इसके परिणाम काफी सकारात्मक देखे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक के सस्ता होने और ज्यादा डॉक्टरों के प्रशिक्षित होने से रोबोटिक सर्जरी और ज्यादा सुलभ और किफायती हो जाएगी, जिससे आम मरीजों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
Robotic Surgery in India: भविष्य की सर्जरी – इंसान और मशीन की साझेदारी
रोबोटिक सर्जरी यह साफ संकेत देती है कि भविष्य में इलाज पूरी तरह मशीनों के भरोसे नहीं होगा, बल्कि डॉक्टर और तकनीक की साझेदारी इलाज को बेहतर बनाएगी। जहां डॉक्टर का अनुभव, निर्णय और संवेदनशीलता सबसे अहम रहेंगे, वहीं तकनीक सर्जरी को और ज्यादा सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनाएगी।
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