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अंतर्राष्ट्रीय

Russia-US Power Game: इराक से वेनेजुएला तक… रूस समर्थक नेताओं का हुआ सियासी अंत, अमेरिका ने गिराई 7 सरकारें

Rupam
Last updated: 2026-01-12 6:19 अपराह्न
Rupam Published 2026-01-12
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Russia-US Power Game
Russia-US Power Game: इराक से वेनेजुएला तक... रूस समर्थक नेताओं का हुआ सियासी अंत, अमेरिका ने गिराई 7 सरकारें
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Russia-US Power Game: पिछले दो दशकों में वैश्विक राजनीति में एक चौंकाने वाला पैटर्न उभरकर सामने आया है। जो भी देश और नेता रूस के सबसे करीबी माने गए, उनकी सत्ता या तो तख्तापलट से गिर गई या फिर वे हालात के आगे झुकने को मजबूर हो गए। 2003 से 2026 के बीच ऐसे कम से कम सात नेता रहे, जिनका राजनीतिक पतन किसी न किसी रूप में अमेरिका की रणनीति से जुड़ा नजर आया।

Contents
1.  सद्दाम हुसैन-Russia-US Power Game2. एडुआर्ड शेवर्दनाद्जे- Russia-US Power Game3. विक्टर यानुकोविच- Russia-US Power Game4. Russia-US Power Game: सर्ज सार्गेसन5. Russia-US Power Game: बशर अल-असद6. निकोलस मादुरो7. ईरान और उत्तर कोरिया पर अगला निशाना?

इराक, जॉर्जिया, यूक्रेन, आर्मेनिया, सीरिया और वेनेजुएलाहर देश की कहानी अलग है, लेकिन अंत लगभग एक जैसा। कहीं सैन्य हमला, कहीं रंगीन क्रांति, कहीं जनआंदोलन और कहीं सीधे ऑपरेशन के जरिए सत्ता परिवर्तन हुआ। आइए जानते हैं उन सात नेताओं की कहानी, जिनके लिए रूस से नजदीकी भारी पड़ गई।

1.  सद्दाम हुसैन-Russia-US Power Game

सद्दाम हुसैन सोवियत संघ और बाद में रूस के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। 1980 से 1988 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान सोवियत संघ ने सद्दाम को करीब 40 बिलियन डॉलर की सैन्य मदद दी थी। इराक को मिलने वाली कुल विदेशी सैन्य सहायता का लगभग 60 प्रतिशत सोवियत खेमे से आया, जिसमें T-72 टैंक, लड़ाकू विमान और मिसाइलें शामिल थी। 20 मार्च 2003 को अमेरिका और ब्रिटेन ने ऑपरेशन इराकी फ्रीडम शुरू किया। इराक पर “Weapons of Mass Destruction” रखने का आरोप लगाया गया। 9 अप्रैल 2003 को सद्दाम की सत्ता खत्म हो गई, 13 दिसंबर को उनकी गिरफ्तारी हुई और 30 दिसंबर 2006 को दुजैल नरसंहार मामले में उन्हें फांसी दे दी गई।

2. एडुआर्ड शेवर्दनाद्जे- Russia-US Power Game

एडुआर्ड शेवर्दनाद्जे 1985 से 1991 तक सोवियत संघ के विदेश मंत्री रहे और मिखाइल गोर्बाचोव के करीबी सहयोगी थे। 1995 में वे जॉर्जिया के राष्ट्रपति बने। नवंबर 2003 के संसदीय चुनावों में धांधली के आरोपों के बाद देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। 23 नवंबर 2003 को प्रदर्शनकारी संसद में घुस गए और शेवर्दनाद्जे को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद मिखाइल साकाशविली सत्ता में आए, जिन्होंने NATO में शामिल होने की कोशिश शुरू की और रूस के सैन्य अड्डों को हटाने की मांग की। अमेरिकी NGOs और जॉर्ज सोरोस की फाउंडेशन की भूमिका भी इस सत्ता परिवर्तन में चर्चा में रही।

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3. विक्टर यानुकोविच- Russia-US Power Game

विक्टर यानुकोविच रूस के सबसे करीबी नेताओं में माने जाते थे। 2013 में उन्होंने यूरोपीय यूनियन के साथ समझौते से इनकार कर रूस से 15 बिलियन डॉलर की मदद स्वीकार की। इसके बाद कीव के माइदान स्क्वायर में बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हुआ, जिसे माइदान क्रांति कहा गया। फरवरी 2014 में हिंसा भड़क उठी और 130 से ज्यादा लोग मारे गए। 22 फरवरी को यानुकोविच देश छोड़कर रूस भाग गए। बाद में अमेरिकी अधिकारियों की लीक हुई कॉल ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि यूक्रेन की नई सरकार के गठन में वॉशिंगटन की भूमिका कितनी गहरी थी।

Russia-US Power Game
Russia-US Power Game

4. Russia-US Power Game: सर्ज सार्गेसन

आर्मेनिया लंबे समय से रूस का पारंपरिक सहयोगी रहा है। सर्ज सार्गेसन 2008 से सत्ता में थे और रूस के बेहद करीबी माने जाते थे। 2018 में राष्ट्रपति पद के बाद प्रधानमंत्री बनने की कोशिश को जनता ने सत्ता में बने रहने की चाल माना। देशभर में विरोध प्रदर्शन भड़के और 23 अप्रैल 2018 को सार्गेसन को इस्तीफा देना पड़ा। निकोल पशिन्यान सत्ता में आए, जिन्होंने रूस पर निर्भरता कम करने और पश्चिम के साथ संतुलन बनाने की कोशिश की। इसके बाद काकेशस क्षेत्र में रूस का प्रभाव कमजोर होता चला गया।

5. Russia-US Power Game: बशर अल-असद

सीरिया रूस का सबसे पुराना मध्य-पूर्वी सहयोगी था। टार्टस और खमीमिम में रूसी सैन्य अड्डे थे। 2015 के बाद रूसी हस्तक्षेप ने असद को सत्ता में बनाए रखा, लेकिन नवंबर 2024 में हालात अचानक बदल गए। महज 11 दिनों में विद्रोहियों ने दमिश्क पर कब्जा कर लिया और असद को रूस भागना पड़ा। नई सरकार ने अमेरिका से बातचीत शुरू की और वॉशिंगटन ने संकेत दिए कि वह नई सत्ता के साथ काम करने को तैयार है।

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6. निकोलस मादुरो

वेनेजुएला लैटिन अमेरिका में रूस का सबसे बड़ा सहयोगी था। मादुरो सरकार ने अरबों डॉलर के रूसी हथियार खरीदे और यूक्रेन युद्ध में रूस का समर्थन किया। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी स्पेशल यूनिट ने कराकास में मादुरो के आवास पर छापा मारा। मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। इसके साथ ही रूस का एक और मजबूत सहयोगी सत्ता से बाहर हो गया।

7. ईरान और उत्तर कोरिया पर अगला निशाना?

अब सवाल यह है कि अगला नंबर किसका है। ईरान और उत्तर कोरिया रूस के आखिरी बड़े सहयोगी माने जाते हैं। ईरान ने रूस को ड्रोन दिए हैं, जबकि हजारों उत्तर कोरियाई सैनिक रूस की ओर से लड़ रहे हैं। अमेरिका की हालिया गतिविधियों ने संकेत दिए हैं कि वैश्विक शक्ति संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।

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