Finger Sign On Dough: हम सभी अपने रोजमर्रा के जीवन में बहुत से कार्य करते हैं और सभी कार्यों का शास्त्रों के अनुसार अपना अलग ही अर्थ और महत्व होता है। रसोई से जुड़ी कई सारी ऐसी बातें होती हैं, जिनका अर्थ हम तो नहीं जानते हैं लेकिन शास्त्रों में इनका जिक्र किया गया है। हम में से बहुत लोग खासकर महिलायें हर दिन रसोई में आटा जरूर गूंथते हैं। इस दौरान कुछ महिलाएं आता गूंथने के बाद उस पर उंगलियों से निशान बनाती हैं।
अपने आसपास लोगों को ऐसा करते हुए आपने कभी न कभी देखा ही होगा, परन्तु क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा लोग क्यों करते है? आपको बता दें कि आटे पर उंगलियों के निशान को बनाने का अपने आप में अलग ही महत्व है और इसका जिक्र हमारे शास्त्रों में भी किया गया है। चलिए आज जानते हैं कि इस निशान को उंगलियों से क्यों बनाया जाता है और क्या है इस निशान के पीछे की खास वजह-
पूर्वजों से जुड़ा है संबंध (Finger Sign On Dough)
शायद आप में से बहुत लोग ये बात जानते होंगे कि शास्त्रों में आटे पर उंगलियों के निशान बनाना पिंडदान से जुड़ा है। हिंदू धर्म में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करना अनिवार्य होता है। यह माना जाता है कि अगर हम पूर्वजों का पिंडदान करते हैं तो इससे उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि आटे या चावलों से बने पिंड का संबंध चाँद से होता है और इससे जुड़ी मान्यता है कि चंद्रमा के जरिए ही पिंड हमारे पितरों हमारे पूर्वजों तक पहुंचता है।

इसलिए बनाया जाता है निशान (Finger Sign On Dough)
आटे के गोले को पितरों का भोजन माना गया है। ऐसे में इससे बनायी हुई रोटीयाँ खाने से हमें पाप लग सकता है। इसी पाप से बचने के लिए आटा गूंथने के बाद महिलाएं इसके गोले पर अपनी उंगलियों के निशान बना देती हैं, जिससे वह आटे का गोला हमारे खाने के समान बन जाता है। इसके अलावा कुछ लोग बालूशाही जैसी गोल मिठाईयों और पकवानों पर भी उंगलियों के निशान से गड्ढे बनाते हैं, जिससे यह पिंडदान के लिए प्रयोग होने वाले आटे के गोले की तरह न लगे और हम ऐसे पाप से बच सके।
