ब्यूरो।
संजय मित्तल
Ghaziabad News : गाज़ियाबाद की रहने वाली शबनम, जो अब हिंदू धर्म अपनाकर सोनम बन चुकी हैं, इस बार पहली बार कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने की घोषणा की है।
सोनम ने बताया कि यह उनका पहला कांवड़ अनुभव है और इस यात्रा ने उन्हें आत्मिक शांति और एक नया जीवन दृष्टिकोण दिया है।
Ghaziabad News : धार्मिक परिवर्तन के पीछे की भावनात्मक कहानी
बुलंदशहर की रहने वाली शबनम ने अपने पहले पति की मृत्यु के बाद गाज़ियाबाद निवासी पवन वाल्मीकि से जीवनसाथी के रूप में साथ पाया। पवन और उनके परिवार ने शबनम को न सिर्फ अपनाया, बल्कि उसकी संतानों को भी स्नेह दिया। शबनम ने बताया कि हिंदू धर्म में उसे जो सम्मान, आज़ादी और प्रेम मिला, वह मुस्लिम धर्म में कभी नहीं महसूस हुआ। उन्होंने मोदी सरकार के ट्रिपल तलाक कानून की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून ने कई मुस्लिम महिलाओं को राहत दी है, जैसे उसे मिली।
Ghaziabad News : हिंदू धर्म में मिली नई पहचान और सम्मान
शबनम, जो अब सोनम बन चुकी हैं, कहती हैं कि अब वे पूरी तरह शिव भक्ति में लीन हैं और भगवान भोलेनाथ में उनकी आस्था अटूट है। ससुराल में उन्हें बेटी जैसा प्यार मिला और जीवन को एक नई दिशा मिली। वह कहती हैं कि यदि पवन नहीं मिलते तो उसके अब्बा उसे फिर किसी मनचाहे मुस्लिम लड़के से निकाह करवा देते।
Ghaziabad News : आस्था और बदलाव की मिसाल बनी सोनम
अब सोनम का कहना है कि वह हर साल कांवड़ यात्रा में भाग लेंगी और भगवान शिव पर गंगाजल अर्पित करेंगी। इस बार वह अपने साथ ससुर को भी कांवड़ जल से स्नान कराएंगी। शबनम उर्फ़ सोनम आज उन महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं जो अपने अधिकार, आस्था और आत्मसम्मान के लिए जीवन में बड़ा बदलाव लाने का साहस रखती हैं।
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