Meerut News : मेरठ पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए ओला कैब सेवा में गाड़ियाँ पंजीकृत कर उन्हें चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सोमवार को इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुल 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Meerut News : शिकायत से खुली परतें
जागृति विहार निवासी किशोर शर्मा ने इस धोखाधड़ी का खुलासा तब किया जब उन्होंने और उनके तीन दोस्तों राहुल, मनोज और विकास ने ओला कैब में अपनी गाड़ियाँ रजिस्टर कराने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान उन्हें पता चला कि उनकी गाड़ियाँ पहले से ही ओला कैब में पंजीकृत हैं, जबकि उन्होंने ऐसा कभी किया ही नहीं। सभी ने तत्काल एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी के निर्देश पर शुरू की गई गुप्त जांच के बाद यह बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
Meerut News : इस तरह करते थे धोखाधड़ी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मास्टरमाइंड नरेंद्र उर्फ नमन (निवासी ग्राम भिमयारी, थाना बाबूगढ़, हापुड़) अक्सर एसबीआई जोनल ऑफिस के पास एक चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ बैठता था। वहीं से उसने बैंक में लगी गाड़ियों के नंबर नोट किए और परिवहन ऐप्स की मदद से उनका पूरा डाटा निकाल लिया। इसके बाद फर्जी कागजात बनाकर उन गाड़ियों को ओला कैब में रजिस्टर करा दिया। आरोपी फैसल (निवासी सिंभावली) उसके इस काम में सहयोगी था।
Meerut News : पुलिस ने मामले में क्या बताया ?
मामले में जानकारी देते हुए एसएचओ मेडिकल थाना शीलेश यादव ने बताया कि ओला कंपनी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि फर्जी दस्तावेजों वाली गाड़ियों का दुरुपयोग किसी भी अपराध में हो सकता है, जिससे जांच में बड़ी चुनौती आ सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की छानबीन करने में जुटी है।
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