Siddaramaiah News : बेलगामी में एसीपी के साथ की थी बदसलूकी
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बीच हुए कथित विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीते दिनों मुख्यमंत्री का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह मंच पर एक पुलिस अधिकारी पर हाथ उठाने की कोशिश करते नजर आए। इसी घटना के संदर्भ में कर्नाटक पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नारायण बरमानी ने 14 जून को राज्य के गृह सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया। बरमानी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें एक सार्वजनिक मंच पर वरिष्ठ नेताओं और बड़ी भीड़ के सामने अपमानित किया, उन पर चिल्लाए और थप्पड़ मारने का इशारा किया। यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब राज्य की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हैं, जिससे कांग्रेस सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
Siddaramaiah News : जानें क्या हैं पूरी खबर ?
घटना दरअसल अप्रैल में बेलगावी में हुई थी जब कांग्रेस की एक रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से ASP बरमानी को डांटा और उन पर हाथ उठाने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने बीच में ही खुद को रोक लिया। बरमानी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह सहज रूप से पीछे हट गए और खुद को बचा लिया, लेकिन इस घटना ने उन्हें गहरे स्तर पर हतोत्साहित किया और उनके परिवार को भी मानसिक आघात पहुंचाया। जून की शुरुआत में ही उन्होंने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) की मांग की थी। सरकार ने अभी तक उनकी वीआरएस अर्जी को मंजूर नहीं किया है। राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस मामले को हल्के में लेते हुए कहा कि बरमानी का इस्तीफा मंजूर नहीं होगा और उन्हें पोस्टिंग दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर कुछ नहीं किया बल्कि यह सिर्फ आवेश का क्षण था।
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब हाल ही में नंदी हिल्स में कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस मुद्दे पर सवाल पूछा। सवाल सुनकर सिद्धारमैया भड़क गए और उल्टा पत्रकार से पूछ बैठे, “क्या तुम बीजेपी से हो? जब वह (बरमानी) चुप हैं तो तुम ये सारे सवाल क्यों उठा रहे हो?” इस पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा और मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। मंत्री एमबी पाटिल और गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने हालांकि मुख्यमंत्री का बचाव किया और कहा कि यह कहना गलत है कि मुख्यमंत्री उन्हें थप्पड़ मारने गए थे। एमबी पाटिल ने कहा कि वह खुद कार्यक्रम में मौजूद थे और मुख्यमंत्री ने केवल चेतावनी दी थी। वहीं खबरें हैं कि सिद्धारमैया ने व्यक्तिगत तौर पर भी ASP बरमानी से मुलाकात की और उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की। मामले पर सरकार की लगातार सफाई और विपक्ष के हमले से कर्नाटक की सियासत में तनाव और बढ़ गया है।
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