Nagpur Violence : महाराष्ट्र के नागपुर के हंसपुरी इलाके में देर रात हिंसा भड़क उठी, जिसमें अज्ञात व्यक्तियों ने दुकानों में तोड़फोड़ कर वाहनों में आग लगा दी। घटना के बाद अब इस पूरी हिंसा पर राजनीति होने शुरू हो गया है। AIMIM हो या फिर शिवसेना यूबीटी सभी विपक्षी दल सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले पर अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। अफवाह फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री वाली चीजे जला दी गई। यह एक सुनियोजित हमला लगता है। छावा फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का दिया है, फिर भी सभी को महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी चाहिए।
Nagpur Violence : हमला करने वालो को छोड़ा नही जाएगा
सीएम ने कहा कि इस घटना के बाद 11 पुलिस थानों के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। हिंसा वाली जगह से एक ट्राली भरकर पत्थर, कई शस्त्र मिले हैं। खास चिन्ह वाले घरों को निशाना बनाया गया है। उन्हें जलाने की कोशिश की गई है। पुलिस पर हमला करने वालो को किसी छोड़ा नही जाएगा, चाहे वो किसी भी कोने में छिपे हो। किसी को भी कानून- व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हिंसक घटना और दंगे पूर्व नियोजित प्रतीत होते हैं। छावा फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को भड़का दिया है, फिर भी सभी को महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी चाहिए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दो लोग आईसीयू में हैं। चुन-चुनकर घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया।
Nagpur Violence : 12 दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए
सदन में सीएम फडणवीस ने कहा कि नागपुर हिंसा में अब तक 12 दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, एक क्रेन और दो जेसीबी समेत चार पहिया वाहन जलाए गए हैं, तलवार से कई लोगों पर हमला किया गया है और कुल 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें तीन डीसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। पांच आम नागरिकों पर हमला हुआ, एक पुलिसकर्मी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और अब तक पांच मामले दर्ज किए गए हैं।
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