Noida News : नोएडा एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो चीनी नागरिकों को साइबर अपराध और धोखाधड़ी करने के लिए भारतीय बैंकों के खाते उपलब्ध करवाते हैं। इनके 5 साथी फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एसटीएफ ने इनके पास से एक लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, एक पासपोर्ट ,5 आधार कार्ड, चार सिम कार्ड, 5 चेक बुक, 22 डेबिट/ क्रेडिट कार्ड ,150 रुपए नगद 80 नेपाली करेंसी व अन्य दस्तावेज बरामद किया है।
Noida News : जाने कैसे पकड़े गए आरोपी
मामले में जानकारी देते हुए नोएडा एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बीती रात को एसटीएफ में तैनात उप निरीक्षक दीपक कुमार को सूचना मिली कि चीनी नागरिकों को धोखाधड़ी करने के उद्देश्य खाते उपलब्ध करवाने वाले गिरोह के कुछ लोग ग्रेटर नोएडा में आए हैं। सूचना मिलने ही थाना सूरजपुर क्षेत्र के घंटा गोल चक्कर के पास से नवरत्न सिंह खुराल निवासी फतेहगंज बड़ोदरा शहर गुजरात, तनवीर निवासी बीबीनगर बुलंदशहर तथा साकिब शेख निवासी जनपद जलगांव महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर लिया।
Noida News : पुलिस की पूछताछ में हुआ खुलासा
एसटीएफ के एसपी का कहना है कि इनके अन्य साथी अवधेश, आलिया खान, आकाश ,रोशन और अमित परमार फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वहीं आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वे लोग साइबर अपराध कर भारतीय नागरिकों से धोखाधड़ी करने वाले चीनी नागरिकों को बैंक खाता उपलब्ध करवाते हैं। चीनी नागरिक साइबर अपराध करके भारतीय नागरिकों से अवैध रूप से धन की वसूली करते हैं। इस कार्य में धन के आदान-प्रदान के लिए उन्हें भारतीय खातों की आवश्यकता होती है। अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में फेमा के नियमों से बचने के लिए ये लोग क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से लेनदेन करते हैं, तथा हवाला के जरिए धन का आदान प्रदान करते हैं, जिससे भारतीय सुरक्षा एजेंसी की नजरों से बच्चे रहकर लेनदेन कर पाते हैं।
Noida News : ये था ठगी करने का तरीका
यहीं नहीं आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यह लोग बाईनेन्स एप के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) चीनी नागरिकों से प्राप्त करके पी 2 पी के माध्यम से खाते में भेजकर धन को ट्रांसफर करते हैं। ये लोग खाता धारकों से खाते की चेक बुक, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड व खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के सिम को लेकर अपने मोबाइल में डालते हैं, खाते की समस्त जानकारी चीनी नागरिकों को देते हैं। जिस पर चीनी नागरिक हमें एक एप भेजते हैं। जिसे हम लोग अपने फोन में इंस्टॉल करके उसे सिम को रजिस्टर कर देते हैं। जिससे ट्रांजैक्शन करने पर आने वाला ओटीपी स्वत: ही चीनी नागरिकों के पास चला जाता है। जिससे वह बिना रोक-टोक के उस खाते में क्रिप्टो करेंसी यूएसडीटी के माध्यम से ट्रांजैक्शन करते हैं। जब तक खाते की लिमिट पूरी नहीं होती तब तक वह ऐसा करते रहते हैं। चीनी नागरिक इन खातों में पैसा इकट्ठा नहीं होने देते। पैसा आने के तुरंत बाद ही पैसा अन्य किसी खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं।
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