Vijay Congress Alliance: तमिलनाडु की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है, जहां एक ओर National Democratic Alliance (NDA) की स्थिति देशभर में मजबूत मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर एक्टर-से-राजनेता बने Vijay ने अपनी पार्टी टीवीके (TVK) के लिए सरकार बनाने हेतु Indian National Congress (Congress) का समर्थन मांगा है। यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि NDA के पास भी समर्थन देने की क्षमता मौजूद थी।
बहुमत से कुछ कदम दूर TVK
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 117 है। हालिया चुनावों में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 107 सीटें जीतीं। हालांकि यह आंकड़ा बहुमत से 10 सीट कम है। दूसरी तरफ कांग्रेस को मात्र 5 सीटें मिलीं, लेकिन सहयोगी दलों के साथ मिलकर यह संख्या सरकार गठन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
TVK ने कांग्रेस के साथ-साथ अन्य छोटे दलों का समर्थन लेकर बहुमत का आंकड़ा पार करने का दावा पेश किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि NDA, जिसके पास 50 से अधिक सीटें हैं, उसे नजरअंदाज क्यों किया गया?
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NDA की मौजूदगी के बावजूद दूरी क्यों?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय का यह फैसला केवल संख्या का खेल नहीं, बल्कि विचारधारा और दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ा है। चुनाव से पहले दिए गए इंटरव्यू में विजय ने स्पष्ट कहा था कि Bharatiya Janata Party (BJP) उनकी वैचारिक प्रतिद्वंद्वी है, जबकि Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं।
चूंकि BJP, AIADMK के साथ Vijay Congress Alliance में है, इसलिए विजय ने NDA से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा।
Congress क्यों बनी पहली पसंद?
तमिलनाडु में कांग्रेस का भले ही सीट शेयर कम रहा हो, लेकिन उसका वोट शेयर और जमीनी प्रभाव अभी भी मजबूत माना जाता है। इस चुनाव में कांग्रेस को लगभग 16 लाख वोट मिले, जो उसे एक प्रभावशाली सहयोगी बनाते हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के पास राज्य में 9 सांसद भी हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर भी TVK को मजबूती मिल सकती है। विजय की नजर केवल राज्य सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों पर भी है। ऐसे में कांग्रेस के साथ गठबंधन उनके लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद माना जा रहा है।
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छोटे दलों का समर्थन बना गेमचेंजर
TVK को बहुमत दिलाने में छोटे दलों की भूमिका भी अहम है। Communist Party of India (CPI) और Communist Party of India (Marxist) (CPM) जैसे दलों ने भी समर्थन दिया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर TVK आसानी से बहुमत के आंकड़े तक पहुंचती दिख रही है।
DMK की नाराजगी
इस Vijay Congress Alliance घटनाक्रम पर DMK ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने उनके साथ चुनाव लड़ने के बाद अब TVK का समर्थन करके राजनीतिक विश्वासघात किया है।
हालांकि कांग्रेस ने इसे एक रणनीतिक फैसला बताया है और कहा है कि राजनीति में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेना जरूरी होता है।
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आगे की राजनीति पर असर
यह पूरा Vijay Congress Alliance तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है। विजय की एंट्री और उनकी रणनीति यह दिखाती है कि वे केवल स्टार पावर के सहारे नहीं, बल्कि सोच-समझकर राजनीति में कदम रख रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गठबंधन भविष्य में राज्य की राजनीति को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। यदि TVK सरकार बनाने में सफल होती है, तो यह दक्षिण भारत की राजनीति में एक नया अध्याय होगा।
Vijay Congress Alliance में मौजूदा स्थिति यह साफ करती है कि राजनीति केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि विचारधारा, रणनीति और भविष्य की योजनाओं का मिश्रण है। Vijay का Congress के साथ जाना इसी रणनीतिक सोच का हिस्सा माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह Vijay Congress Alliance कितनी स्थिर सरकार दे पाता है और राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।
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