Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के पहाड़ी जनपद उत्तरकाशी में सोमवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे जिला मुख्यालय क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रात के समय अचानक धरती में कंपन महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि Uttarkashi Earthquake से किसी भी प्रकार की जानमाल की क्षति की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
रात 10:05 बजे महसूस हुआ कंपन
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजकर 5 मिनट पर उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में भूकंप के झटके दर्ज किए गए। Uttarkashi Earthquake की तीव्रता कम होने के कारण यह कंपन कुछ सेकंड तक ही महसूस हुआ, लेकिन रात का समय होने की वजह से लोग सहम गए। कई लोगों ने इसे पहले हल्का कंपन और फिर झटके के रूप में महसूस किया।
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IMD सिस्टम पर दर्ज नहीं हो सकी तीव्रता
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाई ने जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही कंट्रोल रूम द्वारा तुरंत भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून को इसकी सूचना दी गई। हालांकि IMD की ओर से बताया गया कि Uttarkashi Earthquake की तीव्रता इतनी कम थी कि वह उनके सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाई। इस कारण रिक्टर स्केल पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
अन्य तहसीलों में नहीं महसूस हुए झटके
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जनपद की सभी तहसीलों से स्थिति की जानकारी ली गई। चिन्यालीसौड़, डुण्डा, भटवाड़ी, मोरी, पुरोला और बड़कोट सहित अन्य क्षेत्रों से सूचना मिली कि वहां किसी भी प्रकार के भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए। अधिकारियों ने बताया कि जनपद के सभी तहसील क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कहीं से भी नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
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प्रशासन अलर्ट मोड पर
Uttarkashi Earthquake की सूचना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही कंट्रोल रूम को सक्रिय रखते हुए लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
प्रशासन ने Uttarkashi Earthquake जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रखे हैं। अधिकारियों के अनुसार, छात्रों और कर्मचारियों को Uttarkashi Earthquake के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी नियमित जानकारी दी जा रही है, ताकि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जानमाल का नुकसान कम से कम हो।
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भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है उत्तराखंड
गौरतलब है कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है और भूकंप के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। राज्य का अधिकांश हिस्सा भूकंप जोन-5 में आता है, जो उच्च जोखिम वाला क्षेत्र है। उत्तरकाशी जनपद की बात करें तो यह जोन-4 और जोन-5 के अंतर्गत आता है, जहां मध्यम से लेकर तीव्र भूकंप आने की आशंका बनी रहती है।
1991 का विनाशकारी भूकंप आज भी यादों में
उत्तरकाशी जिला इससे पहले भी भूकंप की भयानक त्रासदी झेल चुका है। वर्ष 1991 में यहां 6.4 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 653 लोगों की जान चली गई थी और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना के बाद से ही उत्तरकाशी को भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माना जाने लगा।
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जनवरी 2025 में कई बार हिली धरती
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 में भी उUttarkashi Earthquake के हल्के झटके दर्ज किए गए थे।
– 24 जनवरी को सुबह 7:41 बजे 2.7 और 8:19 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप
– 25 जनवरी को सुबह 5:47 बजे 2.4 तीव्रता
– 29 जनवरी को दोपहर 3:28 बजे 2.7 तीव्रता
– 30 जनवरी को सुबह 7:31 बजे 2.7 तीव्रता
– 31 जनवरी को सुबह 9:28 बजे 2.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था
हालांकि इन सभी घटनाओं में किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी, लेकिन बार-बार आ रहे झटकों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। साथ ही Uttarkashi Earthquake से जुड़ी सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी गई है।
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