Uttarakhand Budget: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट-पूर्व तैयारियों के तहत चंपावत जनपद का दौरा किया। बनबसा स्थित एनएचपीसी सभागार में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान व्यापारियों, पर्यटन कारोबारियों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने अपने-अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
Uttarakhand Budget -राज्य की दशा और दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि Uttarakhand Budget किसी भी राज्य की दशा और दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बजट केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आम लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं को भी प्रतिबिंबित करे। इसी उद्देश्य से बजट से पहले जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि समय रहते उन पर काम किया जा सके।
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जनभागीदारी और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर हुआ मंथन
सीएम धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में जनभागीदारी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और संतुलित विकास पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली ने किया। वक्ताओं ने कहा कि जब जनता सीधे नीति निर्माण में भागीदार बनती है, तभी विकास की योजनाएं धरातल पर प्रभावी साबित होती हैं।
पिछले पांच वर्षों में मजबूत हुई राज्य की अर्थव्यवस्था
इस अवसर पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीते पांच वर्षों में उत्तराखंड के पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह राशि 7,534 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,765 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं राज्य की जीडीपी 2021-22 में 2 लाख 54 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
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ग्रामीण विकास और पंचायतों को सशक्त बनाने के सुझाव
संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान बढ़ाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने, सीवर लाइन और शौचालय निर्माण पर जोर देने जैसे सुझाव दिए गए। पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए रिक्त भूमि के बेहतर उपयोग, जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि और अध्ययन भ्रमण की व्यवस्था की मांग भी सामने आई।
शहरी क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने नगर निकायों के Uttarakhand Budget और संसाधनों में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर पैनल स्थापना, सड़कों और नालियों के बेहतर रखरखाव और रजिस्ट्री शुल्क का आंशिक हिस्सा नगर निगमों को दिए जाने जैसे सुझाव रखे। उनका कहना था कि इससे शहरी सुविधाओं में सुधार होगा।
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कृषि और बागवानी को लेकर अहम सुझाव
कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में बागवानी और वैल्यू क्रॉप को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कीवी और ब्लूबेरी जैसे फलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, प्रोसेसिंग यूनिट, किसानों और विभागीय कर्मियों के तकनीकी प्रशिक्षण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को विशेष सहायता देने की मांग रखी गई।
उद्योग विकास से जुड़े सुझावों में पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध खाली भूमि पर उद्योग स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करने और पलायन को रोकने पर बल दिया गया। एमएसएमई को वित्तीय सहायता और सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई।
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महिला सशक्तिकरण और पर्यटन पर विशेष फोकस
महिला सशक्तिकरण के लिए Uttarakhand Budget में प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज-मुक्त ऋण और रोजगार में प्राथमिकता देने के सुझाव दिए गए। पर्यटन क्षेत्र में हेली सेवा विस्तार, सस्टेनेबल टूरिज्म, छोटे पर्यटन स्थलों के विकास, ट्रैकिंग और एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने 2047 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनता से मिले सुझावों को गंभीरता से परखकर आगामी Uttarakhand Budget में शामिल किया जाएगा।
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