Snowfall in Uttarakhand: उत्तर भारत में बसंत पंचमी के दिन मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी देखने को मिली। कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक ऊंची पहाड़ियां मोटी सफेद चादर में ढक गईं। बर्फबारी ने जहां एक ओर स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं, वहीं पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लंबे समय से सूने पड़े पहाड़ी पर्यटन केंद्र एक बार फिर गुलजार नजर आए।
Snowfall in Uttarakhand का जोर, पहाड़ों में बर्फबारी से बदला नजारा
बारिश और हिमपात के कारण पूरे उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मैदानी इलाकों में तापमान गिरने से लोग ठिठुरने लगे, जबकि पहाड़ी राज्यों में मौसम ने पूरी तरह सर्दियों का एहसास करा दिया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिला है। बर्फबारी के चलते पहाड़ों की वादियां बेहद खूबसूरत नजर आने लगी हैं, जिसका पर्यटक भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
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Snowfall in Uttarakhand से पर्यटन को मिली नई रफ्तार
उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों नैनीताल, मसूरी, धनोल्टी, चकराता, औली, गंगोत्री और टिहरी समेत आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। सरोवर नगरी नैनीताल में लंबे समय बाद बर्फ गिरने से माहौल पूरी तरह बदल गया। मुक्तेश्वर और रामगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी बर्फबारी ने शांत पड़े पर्यटन कारोबार को नई ऊर्जा दी है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे होटल, टैक्सी और अन्य व्यवसायों को लाभ मिलेगा।

मसूरी और औली में सैलानियों ने उठाया स्नोफॉल का लुत्फ
मसूरी, धनोल्टी और चकराता में दिनभर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। मसूरी के कंपनी गार्डन, कैंपटी फॉल रोड और मॉल रोड के आसपास बर्फ जमने से नजारा बेहद आकर्षक हो गया। सैलानी बर्फ में खेलते, फोटो खिंचवाते और वीडियो बनाते नजर आए। औली में भी बर्फबारी ने स्कीइंग और अन्य विंटर एक्टिविटी के शौकीनों को खासा उत्साहित कर दिया।
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केदारनाथ धाम में भी गिरी बर्फ, वैज्ञानिकों में राहत
चारधाम में सबसे प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम में भी बसंत पंचमी के दिन सुबह से बर्फबारी होती रही। बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों को देखकर श्रद्धालु और स्थानीय लोग भावविभोर नजर आए। वैज्ञानिकों का कहना है कि समय पर हुई बर्फबारी और बारिश ग्लेशियर और जलस्रोतों के लिए बेहद जरूरी है, जिससे आने वाले समय में पानी की कमी की समस्या कम हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सीजन की पहली भारी बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने कहर बरपाया। राजधानी शिमला समेत मनाली, नारकंडा, कुफरी, चायल और डलहौजी जैसे इलाकों में भारी हिमपात हुआ। मनाली और कुल्लू में 10 से 15 इंच तक बर्फ जम गई, जो इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी मानी जा रही है। हालांकि बर्फीले तूफान के कारण शिमला में जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले नजर आए। मौसम विभाग शिमला ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
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जम्मू-कश्मीर में बर्फ से थमा जनजीवन, पर्यटक खुश
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। रामबन, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी, रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों में लगातार हिमपात हुआ। कई क्षेत्रों में 5 इंच से लेकर एक फीट से अधिक तक बर्फ जम गई है। कश्मीर घाटी में श्रीनगर में करीब आठ इंच बर्फ गिरी, जबकि गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर मोटी बर्फ की परत जम गई।
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बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गईं और यातायात बाधित हुआ, लेकिन इसके बावजूद सैलानियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पर्यटक बर्फ से ढकी वादियों में घूमते और इस खास मौसम का आनंद लेते नजर आए।
बर्फबारी बनी चुनौती भी और सौगात भी
कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक हुई बर्फबारी ने एक तरफ ठंड और परेशानियां बढ़ाई हैं, तो दूसरी तरफ पर्यटन उद्योग के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं है। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहा तो पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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