Rudraprayag Fire: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ हाईवे से सटे क्षेत्र में रविवार देर रात एक रहस्यमयी और भयावह आगजनी की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। चंद्रापुरी के पास गबनीगांव में स्थित एक होटल और उससे जुड़े जनरल स्टोर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरा प्रतिष्ठान जलकर राख हो गया। Rudraprayag Fire घटना न सिर्फ आर्थिक नुकसान की दृष्टि से गंभीर है, बल्कि पहाड़ी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
रात डेढ़ बजे मची अफरा-तफरी, कंट्रोल रूम को मिली सूचना
रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे जिला नियंत्रण कक्ष को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया, क्योंकि Rudraprayag Fire केदारनाथ हाईवे के बेहद नजदीक और रिहायशी क्षेत्र से सटा हुआ है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए फायर सर्विस रुद्रप्रयाग और अगस्त्यमुनि थाना पुलिस की टीमें बिना देरी किए आवश्यक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना की गईं।
मौके पर पहुंचते ही दिखा भयावह मंजर
जब अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचा, तब तक होटल और जनरल स्टोर पूरी तरह आग की चपेट में आ चुके थे। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दराज से भी धुआं साफ नजर आ रहा था। आग ने दुकान के बाहर खड़े दो वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। तेज गर्मी और धुएं के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
रिहायशी इलाके में फैलने का खतरा, बढ़ी चिंता
घटना स्थल के आसपास कई घर और अन्य छोटे प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में आग के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ था। यदि आग पास के मकानों तक पहुंच जाती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। इस खतरे को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर आग को सीमित क्षेत्र में ही रोकने की रणनीति अपनाई।
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ग्रामीणों और कर्मचारियों ने दिखाई तत्परता
आग बुझाने के अभियान में स्थानीय लोगों का सहयोग भी अहम साबित हुआ। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपनी ओर से हरसंभव मदद की। वहीं रिन्यू जल ऊर्जा कुंड के कर्मचारियों ने अपने निजी वाहनों से लगातार पानी की आपूर्ति कर राहत कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
जनहानि नहीं, लेकिन आर्थिक क्षति भारी
Rudraprayag Fire में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, होटल और जनरल स्टोर में रखा सारा सामान, फर्नीचर, खाद्य सामग्री और अन्य उपकरण जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित व्यवसायी के लिए यह नुकसान किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
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शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रथम दृष्टया Rudraprayag Fire का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि Rudraprayag Fire की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और अग्निशमन विभाग ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। वहीं राजस्व विभाग को नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग की चेतावनी और अपील
Rudraprayag Fire के बाद फायर सर्विस रुद्रप्रयाग ने व्यापारियों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा कि होटल, दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विद्युत वायरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी है। साथ ही मानक के अनुरूप उपकरणों का उपयोग और शॉर्ट सर्किट से बचाव के इंतजाम समय रहते किए जाने चाहिए।
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स्थिति नियंत्रण में, प्रशासन सतर्क
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि फिलहाल Rudraprayag Fire स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में किसी प्रकार का खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
केदारनाथ हाईवे के पास हुई Rudraprayag Fire आगजनी एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। यह घटना न सिर्फ एक हादसा है, बल्कि भविष्य के लिए चेतावनी भी है।



