By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Indian Constitution Printing: देहरादून से जुड़ा है भारतीय संविधान का ऐतिहासिक अध्याय, यहीं छपी थीं पहली प्रतियां
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > उत्तराखंड > Indian Constitution Printing: देहरादून से जुड़ा है भारतीय संविधान का ऐतिहासिक अध्याय, यहीं छपी थीं पहली प्रतियां
उत्तराखंड

Indian Constitution Printing: देहरादून से जुड़ा है भारतीय संविधान का ऐतिहासिक अध्याय, यहीं छपी थीं पहली प्रतियां

Manisha
Last updated: 2026-01-26 2:16 अपराह्न
Manisha Published 2026-01-26
Share
Indian Constitution Printing
Indian Constitution Printing: देहरादून से जुड़ा है भारतीय संविधान का ऐतिहासिक अध्याय, यहीं छपी थीं पहली प्रतियां
SHARE

Indian Constitution Printing: आज देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिलने के बाद भारत ने एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बनने की दिशा में लंबा और ऐतिहासिक सफर तय किया। भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे और अंततः 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में लागू हुआ। इसी दिन को हर वर्ष गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि Indian Constitution Printing की पहली मुद्रित प्रतियां कहां और कैसे तैयार की गई थीं? Indian Constitution Printing ऐतिहासिक प्रक्रिया में देहरादून की अहम भूमिका रही है।

Contents
हाथ से लिखा गया था संविधान, कला और धैर्य का अद्भुत उदाहरणIndian Constitution Printing की जिम्मेदारी क्यों मिली देहरादून को?फोटो लिथोग्राफिक तकनीक से छपी थीं पहली प्रतियांआज भी सुरक्षित है संविधान की पहली प्रकाशित प्रतिदेहरादून और लोकतंत्र का ऐतिहासिक संबंध

हाथ से लिखा गया था संविधान, कला और धैर्य का अद्भुत उदाहरण

भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। संविधान सभा में कुल 299 सदस्य शामिल थे, जिन्होंने गहन विचार-विमर्श के बाद इस ऐतिहासिक दस्तावेज को आकार दिया। खास बात यह रही कि संविधान को पहले हाथ से लिखा गया। प्रसिद्ध कैलिग्राफर प्रेम नारायण रायजादा ने संविधान को सुंदर इटैलिक शैली में लिखा और प्रत्येक पृष्ठ को कलात्मक डिजाइनों से सजाया। यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय कला और धरोहर का भी अनूठा नमूना बन गया।

READ: गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक, मंदिर समिति के फैसले से बढ़ी धार्मिक बहस

Indian Constitution Printing की जिम्मेदारी क्यों मिली देहरादून को?

जब संविधान का मूल स्वरूप तैयार हो गया, तब उसकी प्रतियां छापने की चुनौती सामने आई। चूंकि यह असाधारण रूप से बड़ा और संवेदनशील दस्तावेज था, इसलिए इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाली और अत्याधुनिक छपाई तकनीक की आवश्यकता थी। उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार और इतिहास के जानकार शीशपाल गुसाईं के अनुसार, उस समय देश में सबसे उन्नत प्रिंटिंग सुविधाएं देहरादून स्थित सर्वे ऑफ इंडिया (Survey of India) प्रेस में उपलब्ध थीं। यही कारण था कि Indian Constitution Printing की पहली प्रतियों की छपाई का कार्य सर्वे ऑफ इंडिया को सौंपा गया। उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी सर्वे ऑफ इंडिया के लिए भी गर्व का विषय थी। इस Indian Constitution Printing ऐतिहासिक कार्य के साथ देहरादून का नाम देश के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज से हमेशा के लिए जुड़ गया।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

फोटो लिथोग्राफिक तकनीक से छपी थीं पहली प्रतियां

Indian Constitution Printing की छपाई के लिए उस समय की अत्याधुनिक फोटो लिथोग्राफिक तकनीक का उपयोग किया गया। यह तकनीक हाथ से लिखे गए मूल पाठ की हूबहू प्रतिकृति तैयार करने में सक्षम थी, जिससे लेखन की सुंदरता और शुद्धता बनी रही। देहरादून के हाथीबड़कला क्षेत्र में स्थित सर्वे ऑफ इंडिया प्रेस में Indian Constitution Printing की लगभग एक हजार प्रतियां मुद्रित की गई थीं। यह प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और गोपनीयता के साथ पूरी की गई, क्योंकि यह दस्तावेज राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा हुआ था।

READ: 77वें गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड में राष्ट्रभक्ति का उत्सव, सीएम आवास और लोकभवन में हुआ गरिमामय ध्वजारोहण

आज भी सुरक्षित है संविधान की पहली प्रकाशित प्रति

देहरादून से जुड़ा यह ऐतिहासिक तथ्य और भी खास इसलिए बन जाता है, क्योंकि भारतीय संविधान की पहली प्रकाशित प्रति आज भी सर्वे ऑफ इंडिया, देहरादून में सुरक्षित रखी गई है। यह प्रति एक अमूल्य धरोहर के रूप में संरक्षित है। वहीं, संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में रखी गई है। इसके साथ ही सर्वे ऑफ इंडिया परिसर में वे मशीनें भी आज तक सुरक्षित हैं, जिनका उपयोग संविधान की छपाई में किया गया था। ये मशीनें आज इतिहास की जीवित गवाह के रूप में देखी जाती हैं।

उत्तराखंड की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे

देहरादून और लोकतंत्र का ऐतिहासिक संबंध

गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह जानना गर्व का विषय है कि भारतीय लोकतंत्र की नींव से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय देहरादून में लिखा गया। यह शहर न केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के संवैधानिक इतिहास में भी इसकी विशेष पहचान है। देहरादून में छपी संविधान की प्रतियां आज भी हमें उस दौर की मेहनत, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की याद दिलाती हैं।

77वें गणतंत्र दिवस पर जब देश संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों का उत्सव मना रहा है, तब देहरादून की यह ऐतिहासिक भूमिका हमें यह एहसास कराती है कि राष्ट्र निर्माण में कई ऐसे अनसुने केंद्र रहे हैं, जिन्होंने चुपचाप इतिहास रचा।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

Rishikesh Aastha Path: कुंभ से पहले ऋषिकेश को मिलेगा नया आस्था पथ, 23 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी

Winter Tourism: बर्फबारी के बाद मुनस्यारी में स्कीइंग की रौनक, सीमांत जिले के पर्यटन को मिल रहा नया संबल

CDS Anil Chauhan: 21 फरवरी को श्रीनगर गढ़वाल आएंगे CDS जनरल अनिल चौहान, गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में युवाओं से करेंगे सीधा संवाद

Garjiya Devi Mandir: सुरक्षा कारणों से गर्जिया देवी मंदिर अस्थायी रूप से बंद, 13 फरवरी तक नहीं होंगे दर्शन

Uttarakhand Jobs: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी भर्ती, 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर आवेदन शुरू, स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

TAGGED:constitution printing techniqueDehradun historyIndian Constitution 1950Indian Constitution printingIndian democracyphoto lithographic printingRepublic Day specialSurvey of India press
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Dalai Lama
लाइफस्टाइल

Dalai Lama Won Grammy: 90 साल की उम्र में दलाई लामा ने रचा इतिहास, पहली बार जीता ग्रैमी अवॉर्ड

Manisha Manisha 2026-02-02
UP Ghaziabad News: प्राची बॉस थी… फिर क्यों कूद गईं तीनों? गाजियाबाद केस में रूह कंपाने वाले खुलासे
UP Lucknow News: सुनिए वो शब्द जिसने ले ली 28 वर्षीय मॉडल की जान, लखनऊ में मचा हड़कंप
Mirabai Chanu National Championship 2026: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, एक मुकाबले में तोड़े तीन नेशनल रिकॉर्ड
CUET UG 2026 Registration: रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 4 फरवरी तक करें आवेदन
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?