Budget Session Speech: Bhararisain Assembly Complex, Gairsain में सोमवार से Uttarakhand Legislative Assembly का बजट सत्र शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन राज्यपाल के Budget Session Speech के साथ सदन की कार्यवाही का आगाज हुआ। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं की रूपरेखा भी पेश की।
अभिभाषण (Budget Session Speech) में विशेष रूप से वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया गया। इसके लिए आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई नीतियों और योजनाओं को लागू करने की बात कही गई। सरकार का उद्देश्य पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना बताया गया।
‘विकसित उत्तराखंड 2047’ की दिशा में कदम
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार दीर्घकालिक दृष्टि के साथ राज्य के समग्र विकास पर काम कर रही है। वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आधारभूत ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के युवाओं, किसानों और महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली पर सरकार का जोर
Budget Session Speech में शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का भी उल्लेख किया गया। राज्यपाल ने कहा कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नए कानून और सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य युवाओं के बीच विश्वास कायम करना और भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष बनाना है। सरकार का मानना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली से प्रतिभाशाली युवाओं को सही अवसर मिलेगा और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनेगा।
महिला सशक्तिकरण को मिल रही प्राथमिकता
राज्यपाल ने अपने Budget Session Speech में महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
विशेष रूप से Lakhpati Didi Yojana जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा महिला समूहों को बैंक ऋण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ सकें। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और परिवार की आय में योगदान दे सकें।
युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं
Budget Session Speech में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। राज्यपाल ने बताया कि Mukhyamantri Swarozgar Yojana 2.0 के माध्यम से युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इस योजना के तहत हजारों युवाओं को लाभ मिला है और कई लोग स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग और व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिला है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। सरकार का मानना है कि स्वरोजगार को बढ़ावा देकर राज्य में पलायन की समस्या को भी कम किया जा सकता है।
पर्यटन को आर्थिक विकास का आधार
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए राज्यपाल ने इस क्षेत्र के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार Char Dham Yatra के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है।
राज्य में विंटर टूरिज्म को विकसित करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं ताकि पूरे साल पर्यटकों की आवाजाही बनी रहे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।
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डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार
राज्यपाल ने ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कई पहल की गई हैं। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
Budget Session Speech में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को भी राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
इसके अलावा दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को प्रोत्साहित कर ग्रामीण क्षेत्रों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि कृषि आधारित गतिविधियों को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाया जा सकता है।
बजट सत्र से बढ़ीं उम्मीदें
इस तरह गैरसैंण में शुरू हुए Uttarakhand Budget Session के साथ ही राज्य की राजनीति और नीतिगत चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। राज्यपाल के Budget Session Speech में सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की झलक देखने को मिली।
अब आने वाले दिनों में सदन में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही आगामी Uttarakhand Budget Session में इन योजनाओं को लागू करने के लिए वित्तीय प्रावधानों का भी खुलासा किया जा सकता है।
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