Nitish Kumar Rajya Sabha: Bihar Politics में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल और मीडिया की भारी मौजूदगी देखने को मिली।
नीतीश कुमार के साथ-साथ NDA के अन्य उम्मीदवारों में नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सभी नेताओं ने एक साथ विधानसभा पहुंचकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद वे बाहर निकल गए।
अमित शाह का भव्य स्वागत
नामांकन दाखिल करने से पहले पटना पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर नीतीश कुमार ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बंद कमरे में बातचीत भी हुई, जिसे राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
READ MORE: अचानक क्यों छोड़ी CM कुर्सी? नीतीश कुमार के ऐलान ने सबको चौंकाया
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अमित शाह अन्य नेताओं के साथ बिहार विधानसभा पहुंचे। इस दौरान भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता पहले से ही वहां मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।
10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री रहेंगे नीतीश
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार अभी कुछ समय तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। बताया जा रहा है कि राज्यसभा का वर्तमान कार्यकाल 10 अप्रैल 2026 तक है और उसके बाद ही नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। ऐसे में जब तक नीतीश कुमार आधिकारिक तौर पर राज्यसभा के सदस्य नहीं बन जाते, तब तक वे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
हालांकि, उनके राज्यसभा जाने के फैसले के बाद Bihar Politics में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जदयू के भीतर यह सवाल उठने लगा है कि उनके बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।
Also Read: ‘बिहार का बेटा, भारत की शान’ – वैभव सूर्यवंशी को CM नीतीश का 50 लाख सम्मान, टाटा ने दी कर्व कार
उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं
Nitish Kumar Rajya Sabha जाने की घोषणा के साथ ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि पार्टी के भीतर नई नेतृत्व व्यवस्था को लेकर मंथन चल रहा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भविष्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका दी जा सकती है। हालांकि, इस बारे में पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जदयू के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस विषय पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और विधायकों की बैठक में लिया जाएगा।
दो दशक से अधिक समय तक संभाली सत्ता
नीतीश कुमार वर्ष 2005 से Bihar Politics के केंद्र में रहे हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालते हुए राज्य की राजनीति को नई दिशा दी है। उनके कार्यकाल में कई बुनियादी विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों की चर्चा होती रही है।
अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों ने पिछले दो दशकों से अधिक समय तक उन पर भरोसा जताया है और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग और समर्थन की वजह से ही बिहार आज विकास और सम्मान की नई पहचान बना पाया है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking
सोशल मीडिया पर जताया आभार
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा थी कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें।
उन्होंने कहा कि इसी आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बार राज्यसभा चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। नीतीश कुमार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भले ही उनकी भूमिका बदल जाए, लेकिन Bihar Politics के विकास के लिए उनका संकल्प पहले की तरह मजबूत बना रहेगा।
उन्होंने राज्य के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी उनका जनता से संबंध बना रहेगा और वे एक विकसित बिहार के निर्माण के लिए सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Nitish Kumar Rajya Sabha जाना Bihar Politics में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता की कमान किस नेता के हाथों में सौंपी जाती है।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



