Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार और संभल हिंसा पर खुलकर बात करते हुए कहा कि 500 साल पहले बाबर ने जो अयोध्या में किया, बांग्लादेश और संभल में आज वही हो रहा है। तीनों की प्रकृति, तीनों के DNA एक जैसे हैं। CM योगी के इस बयान से यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई गहै। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने CM योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं, आप डीएनए की बात न किया करें। डीएनए की बात मुख्यमंत्री जी को शोभा नहीं देती है। भगवा पहन कर के, योगी हो कर के इस तरह की बात आपको शोभा नहीं देती है। अगर ऐसी बात है तो मैं भी अपना डीएनए टेस्ट कराने के लिए तैयार हूं और आप भी अपना टेस्ट कराने के लिए तैयार रहिए।
Uttar Pradesh : सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी की टिप्पणी
सीएम के बयान पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ‘अयोध्या की जनता ने बता दिया है कि योगी जी राम के नहीं हैं। इस चुनाव के परिणाम में अयोध्या की जनता, भगवान राम का संदेश है कि योगी जी राम के नहीं हैं। उनसे पूछिए कि लखनऊ में जय प्रकाश नारायण के नाम पर जो इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, उसे क्यों नहीं बनने दिया गया। 8 साल में वह काम पूरा नहीं हुआ। जिन लोगों ने जय प्रकाश नारायण की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर लोग माल्यार्पण न कर सकें, इसके लिए पूरी फोर्स लगाने वाले लोग समाजवादी महापुरुषों के बारे में कब से बात करने लगे।’
Uttar Pradesh : क्या बोले थे CM योगी ?
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 500 साल बाद प्रभु राम मंदिर में विराजमान हैं। आयोजन अयोध्या में था लेकिन उत्सव पूरे विश्व में। दुनिया की हर समस्या का समाधान अयोध्या है। ये राग, द्वेष से मुक्त है। जब तक आस्था है तब तक भारत का बाल बाका नहीं होगा। आस्था रहेगी तो भारत बना रहेगा। जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं है। हमने प्रभु श्री राम को अपना आदर्श माना है। अगर कुछ भी प्रेरणा हम प्रभु के उच्च आदर्शों से ले सकें तो हमारा जन्म और जीवन दोनों धन्य हो जाएगा। श्रीराम के प्रति भारत का भाव क्या है, इसका अनुभव करना हो तो गांव-गांव में संत तुलसीदास द्वारा प्रारंभ किए गए रामलीलाओं का आयोजन देखिए। प्रभु राम के प्रति सनातन धर्मावलंबियों के भाव का अनुभव करना है तो 1990 के दशक को याद कीजिए, जब हर घर में टीवी नहीं थी, लेकिन लोग सूदूर जाकर दूरदर्शन पर रामायण सीरियल देखते थे। यह प्रभु राम के प्रति भारत की सनातन श्रद्धा का प्रतीक है। जिसके मन में श्रीराम व मां जानकी के प्रति श्रद्धा व समर्पण का भाव नहीं हैं, उसे कट्टर दुश्मन की तरह त्याग देना चाहिए। 1990 में रामभक्तों ने भी नारा लगाया था, जो राम का नहीं-वो किसी काम का नहीं।
Uttar Pradesh : सपा पर कसा था तंज
इस दौरान सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी लोहिया जी के नाम पर तो राजनीति करेंगे, लेकिन लोहिया जी के एक भी आदर्श को अपने जीवन में अंगीकार नहीं करेंगे। डॉ. राम मनोहर लोहिया जी ने कहा था कि जब तक भारत की आस्था तीन आराध्य देवों प्रभु श्री राम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव के प्रति बनी रहेगी, तब तक भारत का कोई बाल भी बांका नहीं कर पाएगा।



