UP Politics : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उर्दू और कठमुल्ला वाले बयान पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि यूपी के सीएम ने उर्दू को कठमुल्लों और मौलवियों की भाषा कहा था। साथ ही ये भी कहा था कि इसे पढ़कर वैज्ञानिक नहीं बनते। यूपी के सीएम को उर्दू तो नहीं आती लेकिन वो वैज्ञानिक क्यों नहीं बने, इसका जवाब तो वही दे सकते हैं।
UP Politics : उर्दू देश की आजादी की जुबान
एआईएमआईएम के 67वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि योगी कहते हैं कि उर्दू पढ़ने वाले कठमुल्ले बनते हैं। वो जिस विचारधारा से आते हैं उनके किसी शख्स ने मुल्क की आजादी में हिस्सा नहीं लिया। ये गोरखपुर से आते हैं। उसी शहर से फिराक गोरखपुरी भी थे। ये तो उनको भी कठमुल्ला बोल देते। वो तो उर्दू के बहुत बड़े शायर थे। ये इनकी बौद्धिक क्षमता है। जिसके जहन और दिल पर ग्रहण लग चुका है, दुनिया की कोई रोशनी उसके सिर नहीं पहुंच सकती। सीएम योगी को नहीं मालूम है कि उर्दू देश की आजादी की जुबान है। सीएम योगी उर्दू से नफरत करते हैं।
UP Politics : विपक्ष पर सीएम योगी का हमला
दरअसल, यूपी विधानसभा में बटज सत्र के पहले दिन सीएम योगी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली थी। नोंकझोंक अंग्रेजी को हटाने और उर्दू को शामिल करने को लेकर हुई। सीएम योगी ने सपा को दोहरे चरित्र वाला बताते हुए कहा था कि सपा अन्य भाषाओं के मुकाबले उर्दू को ज्यादा महत्व देती है। माता प्रसाद ने कहा कि अंग्रेजी न तो हमारी राष्ट्रभाषा है और न ही हमारी मातृभाषा है। विपक्ष पर तंज करते हुए सीएम योगी ने कहा कि अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में पढाएंगे और दूसरे के बच्चों को उर्दू पढ़ते के लिए प्रेरित करेंगे। ये नहीं चलेगा।



