Tobacco Free Schools UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं में तम्बाकू के इस्तेमाल को रोकने और इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम और COTPA-2003 कानून को प्रभावी रूप से लागू करना था।
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Tobacco Free Schools UP: स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को नियमित रूप से जागरूक करें। बच्चों को शुरुआती उम्र से ही तम्बाकू के खतरे समझाने के लिए पाठ्यक्रम और सह- पाठ्यक्रम गतिविधियों में तम्बाकू विरोधी संदेश शामिल किए जाएंगे।
शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता देते समय यह देखा जाएगा कि वे तम्बाकू मुक्त दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसका मकसद छात्रों में तम्बाकू के प्रति आकर्षण कम करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आदत डालना है।
Tobacco Free Schools UP: सरकारी दफ्तर होंगे तम्बाकू मुक्त
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में तम्बाकू निषेध को सख्ती से लागू किया जाएगा। धूम्रपान निषेध के संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे और कर्मचारियों व आगंतुकों को तम्बाकू सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
Tobacco Free Schools UP: युवाओं के लिए प्रचार अभियान
युवाओं में तम्बाकू के ग्लैमर को कम करने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। स्कूल और कॉलेजों में पोस्टर, सेमिनार, वर्कशॉप और शैक्षिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को तम्बाकू के नुकसान के बारे में जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
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Tobacco Free Schools UP: स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वे हर उपलब्ध अवसर पर लोगों को तम्बाकू न करने की सलाह दें। इसके अलावा, मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में तम्बाकू निषेध केंद्र समयबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे, जिससे तम्बाकू से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और उपचार में मदद मिले।
Tobacco Free Schools UP: तम्बाकू विक्रेताओं पर नियंत्रण
बैठक में यह भी तय किया गया कि तम्बाकू विक्रेताओं की लाइसेंसिंग प्रणाली (TVL) प्रभावी रूप से लागू की जाए। दो दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बच्चों और युवाओं तक तम्बाकू की पहुंच कम हो सके। राज्य सरकार नियमित निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई की योजना बना रही है।
Tobacco Free Schools UP: वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा श्री अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त श्रीमती रौशन जैकब और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने अपने सुझाव और रणनीति साझा की, ताकि अभियान प्रभावी रूप से लागू हो सके।
Tobacco Free Schools UP: आगे की रणनीति और प्रभाव
मुख्य सचिव ने जोर दिया कि नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता में जागरूकता फैलाना और नियमों का पालन कराना भी आवश्यक है। सभी विभाग तम्बाकू मुक्त अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिवालय को प्रस्तुत करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान सही तरीके से लागू हुआ, तो उत्तर प्रदेश में युवाओं में तम्बाकू के इस्तेमाल में काफी कमी आएगी। साथ ही, बच्चों और युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की संस्कृति भी मजबूत होगी।
Tobacco Free Schools UP: आम लोगों के लिए संदेश
राज्य सरकार का यह अभियान यह संदेश देता है कि तम्बाकू से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक स्थान तम्बाकू मुक्त होंगे। लोग और खासकर युवा इस पहल का हिस्सा बनकर स्वस्थ समाज बनाने में योगदान दे सकते हैं।
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