Prayagraj Violence : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करछना इलाके में उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को कौशांबी जाने से पुलिस ने रोक दिया। इसके विरोध में उनके समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया, जिसमें डायल 112 की एक गाड़ी पलट दी गई। पुलिस ने मौके से कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
Prayagraj Violence : घटना गहरी साजिश, CBI जांच हो
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उन्हें यह पूरी घटना एक गंभीर साजिश का हिस्सा लगती है, जिसका उद्देश्य कौशांबी की पीड़ित घटनाओं से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता संविधान और कानून में आस्था रखते हैं, हिंसा की राह पर नहीं चलते। अगर सरकार या प्रशासन हमारे लोगों को जानबूझकर निशाना बना रहा है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और इसके लिए मैं CBI जांच की मांग करता हूं।
Prayagraj Violence : प्रशासन ने घटनास्थल पर जाने से रोका
चंद्रशेखर ने बताया कि वह प्रयागराज इसलिए आए थे, ताकि पाल समुदाय के एक पीड़ित परिवार और एक अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के मामले में न्याय की आवाज उठा सकें। लेकिन प्रशासन ने उन्हें इलाहाबाद सर्किट हाउस में रोक दिया और घटनास्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि मैंने आग्रह किया कि यदि मुझे मौके पर नहीं ले जाया जा सकता, तो पीड़ित परिवारों को मुझसे मिलने दिया जाए, लेकिन वह भी नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि पुलिस-प्रशासन कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है।
Prayagraj Violence : पुलिस पर पथराव के बाद उपद्रवियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि चंद्रशेखर को रोके जाने के बाद उनके समर्थकों ने करछना क्षेत्र में सड़क जाम किया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि डायल 112 की एक गाड़ी को पलट दिया गया। स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है और उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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