Muslim Woman Kanwar Yatra: बिजनौर में महाशिवरात्रि से पहले एक अनोखी और प्रेरक तस्वीर देखने को मिली, जिसने आस्था और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर संभल जिले के झेमनाथ शिव मंदिर जा रही मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक की कांवड़ यात्रा ने लोगों के दिलों को छू लिया। तमन्ना अपनी श्रद्धा और संकल्प के साथ इस यात्रा पर हैं, और रास्ते में उन्हें पुलिस सुरक्षा के साथ स्थानीय हिंदू संगठनों और आम लोगों का भी समर्थन मिला।
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Muslim Woman Kanwar Yatra: यात्रा की शुरुआत
तमन्ना मलिक, जो मुस्लिम समुदाय से हैं, बुर्का पहनकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर अपने गांव बदनपुर बस्सी, संभल जा रही हैं। उनका उद्देश्य पवित्र गंगाजल को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए झेमनाथ मंदिर में चढ़ाना है। तमन्ना ने बताया कि वह सालों से कांवरियों की सेवा और कांवड़ यात्रा को देखती रही हैं, और इस बार उन्होंने खुद इस पवित्र कार्य को करने का निर्णय लिया।
Muslim Woman Kanwar Yatra: आस्था और सुरक्षा का संगम
तमन्ना के जत्थे में करीब 100 से अधिक शिव भक्त शामिल हैं, जो ‘बोल भोले, हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यात्रा के दौरान वे ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप भी करती हैं। तमन्ना के कंधे पर कांवड़ देखकर रास्ते में लोग रुके, फूल बरसाए और उनकी श्रद्धा का सम्मान किया। महिलाएं और पुरुष उन्हें आर्थिक सहयोग भी दे रहे हैं, जिससे उनके हौसले को और बढ़ावा मिला।
बिजनौर पुलिस ने पूरी सुरक्षा के इंतजाम किए। उन्होंने तमन्ना और उनके जत्थे को जिले की सीमा पार कराई और सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह की परेशानी न आए। हिंदू संगठनों के लोग भी तमन्ना के साथ चलते हुए उनकी मदद कर रहे हैं, ताकि यात्रा में बाधा न आए।
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Muslim Woman Kanwar Yatra: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
तमन्ना की यह कांवड़ यात्रा बिजनौर में चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोग और हिंदू संगठन उनके इस कदम को सराह रहे हैं। लोगों ने उनकी श्रद्धा और आस्था को देखकर फूल बरसाए और उनका स्वागत किया। महिलाएं और पुरुष दोनों उन्हें आर्थिक सहयोग दे रहे हैं और उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। इस तरह का मिलाजुला उत्सव समाज में आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश दे रहा है।
Muslim Woman Kanwar Yatra: यात्रा की चुनौती
तमन्ना हरिद्वार से संभल तक लगभग 220 किलोमीटर पैदल चल रही हैं। यह यात्रा केवल भौतिक रूप से कठिन नहीं है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक चुनौती भी है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा उनके लिए एक आत्मिक अनुभव है। प्रत्येक कदम के साथ उनका मन शांत और ध्यान शिव की भक्ति में केंद्रित रहता है।
Muslim Woman Kanwar Yatra: गंतव्य और उद्देश्य
तमन्ना अपने जत्थे के साथ पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ झेमनाथ शिव मंदिर, संभल की ओर बढ़ रही हैं। उनका उद्देश्य है कि गंगाजल को मंदिर में चढ़ाकर भगवान शिव से अपने और सभी भक्तों के कल्याण की प्रार्थना करें। यह यात्रा न केवल उनकी व्यक्तिगत भक्ति का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश भी देती है।
Muslim Woman Kanwar Yatra: शिक्षा और संदेश
तमन्ना की इस कांवड़ यात्रा ने यह संदेश दिया कि भक्ति किसी धर्म, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होती। उन्होंने साबित कर दिया कि आस्था का वास्तविक स्वरूप समाज में भाईचारे और सम्मान को बढ़ावा देना है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और समुदाय की सहभागिता ने यह भी दिखाया कि धार्मिक श्रद्धा और सुरक्षा का संतुलन कैसे रखा जा सकता है।
Muslim Woman Kanwar Yatra: बिजनौर और संभल के लोग तमन्ना की इस यात्रा को याद रखेंगे
तमन्ना मलिक की कांवड़ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है। यह आस्था, धैर्य, सामाजिक सद्भाव और सहिष्णुता का उदाहरण है। उनके कदमों ने यह दिखाया कि भक्ति में धर्म की सीमाएं नहीं होती और समाज में आपसी सम्मान और सहयोग से ही ऐसी यात्राओं का वास्तविक महत्व बनता है।
बिजनौर और संभल के लोग तमन्ना की इस यात्रा को याद रखेंगे और यह प्रेरणा देगा कि आस्था और भाईचारा एक साथ चलते हैं।
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