MNREGA 125 Days Employment: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने के लिए विकसित भारत 2047 योजना के तहत मनरेगा में बड़ा बदलाव किया गया है। इस योजना के तहत जी राम जी कानून 2025 में सुधार लाया गया है, ताकि ग्रामीणों को अधिक रोजगार, पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सके।
MNREGA 125 Days Employment: 125 दिन रोजगार की गारंटी
नए कानून के अनुसार अब ग्रामीणों को पहले के 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह बदलाव खासतौर पर खेती और कृषि से जुड़े मौसमी कामों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। बुआई और कटाई के मौसम में ग्रामीणों को 60 दिन तक काम से छुट्टी का लाभ मिलेगा, ताकि वे अपनी सुविधा और मौसम के हिसाब से काम कर सकें।
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MNREGA 125 Days Employment: रोजगार के चार प्राथमिक क्षेत्र
सुरेश खन्ना ने बताया कि रोजगार के कामों को चार मुख्य क्षेत्र में बांटा गया है, जिससे ग्रामीण विकास और आजीविका दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
● जल सुरक्षा और जल संरक्षण- गांवों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था और जल संरक्षण के काम।
● ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार- सड़क, नदी-नाली और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव।
● आजीविका संवर्धन और कौशल विकास- ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए प्रशिक्षण और नई स्किल डेवलपमेंट।
● जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम से निपटना- मौसम के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए जरूरी काम।
इन चार क्षेत्रों में काम से न सिर्फ ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, बल्कि गांव का संपूर्ण विकास भी होगा।
MNREGA 125 Days Employment: मजदूरी की सुरक्षा
नए कानून के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को 30 दिन तक काम नहीं मिलता, तो उसे मजदूरी का ¼ हिस्सा कंपनसेशन के रूप में दिया जाएगा। अगर 60 दिन तक काम न मिले, तो मजदूरी का ½ हिस्सा मिलेगा। इस तरह ग्रामीणों को रोजगार की सुरक्षा और निश्चितता मिलेगी।
MNREGA 125 Days Employment: राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर लागू
यह कानून राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर लागू होगा। हर ग्राम पंचायत अपने गांव की जरूरतों के अनुसार योजना बनाएगी और उसे ब्लॉक व जिला स्तर से अनुमोदित कर विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
MNREGA 125 Days Employment: पारदर्शिता और जवाबदेही
पुरानी व्यवस्था में मनरेगा कानून का उल्लंघन करने पर ₹1,000 का दंड लगाया जाता था। नए कानून में इसे बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो। इसके अलावा भ्रष्टाचार रोकने और काम की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थायी संस्थागत ढांचा भी तैयार किया गया है।
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MNREGA 125 Days Employment: योजना के फायदे
● ग्रामीणों को अधिक रोजगार
● जल संरक्षण और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
● कौशल विकास और आजीविका बढ़ावा
● मजदूरी की गारंटी और सुरक्षा
● भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण
● स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजना निर्माण
सुरेश खन्ना ने कहा कि यह नई व्यवस्था छह महीने के अंदर पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधरेगा और गांव का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
MNREGA 125 Days Employment: क्यों है यह बदलाव जरूरी
ग्रामीण इलाकों में रोजगार की कमी और मौसमी कामों के चलते कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना करते हैं। नई व्यवस्था से उन्हें निश्चित रोजगार और मजदूरी सुरक्षा मिलेगी। साथ ही जल संरक्षण, सड़क निर्माण और कौशल विकास जैसे कामों के माध्यम से गांव की समग्र उन्नति भी होगी।
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MNREGA 125 Days Employment: ग्रामीणों को जागरूक रहने की जरूरत
यह योजना तभी सफल होगी जब ग्रामीण इसे समझें और इसके तहत मिलने वाले रोजगार के अवसरों का पूरा लाभ उठाएं। ग्राम पंचायतों और ब्लॉक प्रशासन के निर्देशों का पालन कर ग्रामीण अपनी आजीविका और जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं।
विकसित भारत 2047 के तहत मनरेगा में यह सुधार ग्रामीणों के लिए एक बड़ा अवसर है। 125 दिन रोजगार, पारदर्शिता, कौशल विकास और मजदूरी सुरक्षा के साथ यह योजना ग्रामीण जीवन को सशक्त और सम्मानजनक बनाएगी। अब ग्रामीणों को अपने हक के लिए जागरूक रहना होगा और योजनाओं का पूरा लाभ उठाना होगा।
इस बदलाव से ना केवल ग्रामीणों की आजीविका मजबूत होगी, बल्कि गांवों का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को ग्रामीण रोजगार और सामाजिक विकास का उदाहरण बनाने में मदद करेगी।
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