Meerut News : उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन के इतने सख्त होने के बाद भी विभाग में तैनात कुछ पुलिसकर्मी आए दिन डिपार्टमेंट की किरकिरी कराते नजर आ रहे है। ताजा मामला मेरठ जिले का है, जहां थाना भावनपुर में तैनात दरोगा को 2 लाख रुपयों की रिश्वत लेते फरीदाबाद की एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दरोगा लक्ष्मण सिंह किडनेपिंग के मामले को रफादफा करने के एवज में 2 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। जिसकी शिकायत पीड़ित पक्ष ने एंटी करप्शन टीम से की। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर दरोगा लक्ष्मण सिंह को रंगे हाथों पकड़ लिया।
Meerut News : अब पढ़े पूरा मामला
दरअसल, दरोगा को हरियाणा के पलवल के हथीन उटावड रोड से गिरफ्तार किया गया है। दरोगा लक्ष्मण सिंह कुछ दिन पहले ही हेडकांस्टेबल से प्रमोट होकर दरोगा बने थे। पलवल निवासी जावेद ने दरोगा के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि किडनैपिंग के एक मुकदमे में एक पक्ष से बयान लेने के दौरान ही दरोगा ने नाम निकालने के लिए 2 लाख रुपयों की डिमांड की। पीड़ित जावेद नामक युवक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। इस बीच गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर दरोगा को पलवल बुलवाया। यहां जावेद के हाथों उसे रकम दिलवाई और रिश्वत लेते ही लक्ष्मण सिंह को टीम ने अरेस्ट कर लिया।
Meerut News : प्रमोशन पाकर बना था दरोगा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दरोगा लक्ष्मण सिंह पिछले 7 महीने से मेरठ के भावनपुर थाने में तैनात है। इससे पहले उसकी पोस्टिंग खरखौदा थाने में थी। वह साल 1998 में यूपी पुलिस में हेडकांस्टेबल पर भर्ती हुए थे। 2017 में ही प्रमोशन पाकर दरोगा बने थे।



