रिपोर्टर राहुल कुमार
Delhi News: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने शनिवार को राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई। मंत्री सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे और सीधे कैजुअल्टी वार्ड सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया।

Delhi News: निरीक्षण के दौरान सामने आईं गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान मंत्री को अस्पताल की स्थिति बेहद चिंताजनक लगी। कैजुअल्टी वार्ड में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा था और कई जगह साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब थी। वार्डों में बदबू और गंदगी फैली हुई थी, जिसे देखकर मंत्री ने तुरंत नाराज़गी जताई और वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ को फटकार लगाई।डॉ सिंह को मौके पर मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें कीं। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर समय पर नहीं आते, कई बार आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं और अस्पताल स्टाफ का व्यवहार भी बेहद असंवेदनशील होता है। मरीजों ने यह भी कहा कि इमरजेंसी सेवाएं अक्सर देर से मिलती हैं, जिससे गंभीर स्थिति वाले मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।
Delhi News: सरकार की सख्त चेतावनी, लापरवाही नहीं चलेगी
इन शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार आम जनता को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ पंकज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “दिल्ली की जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था को हर हाल में बेहतर बनाया जाए और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
Delhi News: अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
अस्पताल प्रशासन को अगले 7 दिनों के भीतर सुधारों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपने का निर्देश भी दिया गया है। इस औचक निरीक्षण से न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन में हलचल मच गई है, बल्कि अन्य सरकारी अस्पतालों को भी एक स्पष्ट संदेश गया है कि अब लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



