Bihar Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को साधने में जुट गए हैं। इस बीच कांग्रेस ने महिलाओं को लुभाने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है, जिसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह बिहार की 5 लाख महिलाओं को सैनिटरी पैड वितरित करेगी। इन पैड के पैकेट्स पर पार्टी नेता राहुल गांधी की तस्वीर के साथ “नारी न्याय, महिला सम्मान” का नारा छपा है। साथ ही कांग्रेस की “माई बहिन मान योजना” का प्रचार भी इन पैकेट्स के माध्यम से किया जा रहा है।
Bihar Elections 2025 : स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर जोर
कांग्रेस का कहना है कि यह पहल महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों में महिला वोटर्स को अपने पक्ष में करने की रणनीति का हिस्सा है। इन सैनिटरी पैड के पैकेट्स पर ₹2500 सम्मान राशि की भी घोषणा की गई है, जो “माई बहिन मान योजना” के अंतर्गत जरूरतमंद महिलाओं को प्रदान की जाएगी। पार्टी की महिला इकाई, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस, इस योजना को घर-घर तक पहुंचाने में जुटी हुई है।
Bihar Elections 2025 : कांग्रेस की चुनावी बैठक में रणनीति पर चर्चा
बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की एक आवश्यक बैठक बुलाई गई, जिसमें “माई बहिन मान योजना” पर फीडबैक लिया गया और आगामी रणनीति तय की गई। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए चुनाव आयोग के आदेशों को तुगलकी फरमान करार दिया। राजेश राम ने कहा कि, चुनाव आयोग 8 करोड़ मतदाताओं को वोट देने से वंचित करने की कोशिश कर रहा है। 20% वोट को रोकने की जो कोशिश की जा रही है, उसके खिलाफ कांग्रेस सघन अभियान चलाएगी।
Bihar Elections 2025 : विपक्ष के लिए चुनौती बन सकती है ‘माई बहिन मान योजना’
कांग्रेस की यह योजना राज्य में महिला मतदाताओं को साधने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां सैनिटरी पैड जैसी आवश्यक वस्तुएं अभी भी पहुंच से बाहर हैं, वहां यह अभियान महिलाओं को भावनात्मक और सामाजिक रूप से जोड़ सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि माई बहिन मान योजना अगर सही ढंग से जमीन पर उतरी, तो यह कांग्रेस को महिला वोटर्स के बीच मजबूती से खड़ा कर सकती है और महागठबंधन के लिए एक नया जनाधार तैयार कर सकती है।