National Science Day India: देशभर में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day India) उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विज्ञान, शोध और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह दिन उस वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार भावना का उत्सव है, जो भारत को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है।
रमन प्रभाव की ऐतिहासिक विरासत
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day India) महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 1928 में प्रकाश के प्रकीर्णन पर किए गए उनके मौलिक शोध ने भारतीय विज्ञान को वैश्विक पहचान दिलाई। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला और वे विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई बने। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि रमन प्रभाव ने भारतीय शोध को विश्व मंच पर मजबूती से स्थापित किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
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युवा शक्ति और रिसर्च इकोसिस्टम पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार शोध पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विज्ञान और तकनीक केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय विकास और वैश्विक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। एआई, अंतरिक्ष, रक्षा, आईटी, स्वास्थ्य, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति इसी दृष्टिकोण का परिणाम है।
जयशंकर का संदेश – विज्ञान से सशक्त राष्ट्र
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस अवसर पर वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की मेहनत और जिज्ञासा ज्ञान की सीमाओं का विस्तार कर रही है। जयशंकर के अनुसार, नई तकनीकों में हो रहे नवाचार न केवल अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत कर रहे हैं और युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं।
अमित शाह – नवाचार से गढ़ें अपना भविष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों की खोज और जिज्ञासा देश के बेहतर भविष्य के समाधान तैयार करती है। उन्होंने जोर दिया कि नवाचार और आत्मनिर्भरता का संकल्प भारत को वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाएगा। शाह ने इसे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बताया।
स्मृति से आगे बढ़कर राष्ट्रीय आंदोलन
आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day India) केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद नहीं रह गया है। यह वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने, शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने और युवाओं को विज्ञान में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है। देश के स्कूलों, कॉलेजों और शोध संस्थानों में इस दिन विभिन्न कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और संगोष्ठियां आयोजित की जाती हैं, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
विकसित भारत की दिशा में विज्ञान की भूमिका
भारत आज स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष मिशन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इन उपलब्धियों की नींव वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार पर टिकी है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day India) हमें याद दिलाता है कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसकी वैज्ञानिक सोच और शोध क्षमता होती है। सरकार का जोर इसी बात पर है कि विज्ञान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए और इसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
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