Meerut YouTuber Shadab Jakati controversy: मेरठ में सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ा एक मामला इन दिनों सुर्खियों में है। यहां एक महिला ने चर्चित यूट्यूबर शादाब जकाती पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उसे लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया, जबरन काम कराया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का एक वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि शिकायत मिलने पर ही पूरे मामले की जांच शुरू की जाएगी।
झारखंड से मेरठ तक का सफर
आरोप लगाने वाली महिला मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है। महिला के अनुसार वह वर्ष 2016–17 के दौरान मेरठ आई थी। यहां उसकी मुलाकात मुजफ्फरनगर निवासी युवक से हुई, जिससे उसने प्रेम विवाह किया। शादी के बाद वह मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र में रहने लगी।
महिला ने बताया कि वह मजदूरी का काम करती थी और टाइल-पत्थर लगाने का काम कर परिवार का खर्च चलाती थी। उसका पति बैटरी रिपेयर से जुड़ा काम करता था। इसी दौरान महिला सोशल मीडिया पर एक्टिव हुई और रील्स बनाना शुरू किया।
वीडियो प्रमोशन के नाम पर बढ़ा संपर्क
महिला का दावा है कि फरवरी 2025 में वह वीडियो प्रमोशन के सिलसिले में यूट्यूबर शादाब जकाती के संपर्क में आई। महिला के मुताबिक उसे बताया गया कि अगर वीडियो अच्छे से चलने लगे, तो उसे मजदूरी छोड़नी नहीं पड़ेगी और आमदनी का जरिया बन जाएगा। इसके बाद महिला ने कई वीडियो और रील्स में काम किया। महिला का आरोप है कि इसी दौरान उस पर दबाव बढ़ने लगा और उसे पूरी तरह नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
घर के काम और कथित उत्पीड़न के आरोप
महिला का आरोप है कि वीडियो बनाने के अलावा उससे घरेलू काम भी करवाए जाते थे। झाड़ू-पोंछा, बर्तन साफ करना और दिनभर के दूसरे काम उसकी जिम्मेदारी बना दिए गए। महिला के अनुसार उसे सुबह से देर रात तक काम करना पड़ता था।
महिला ने यह भी दावा किया कि कई बार उसे समय पर भोजन तक नहीं दिया गया और विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को इसी घटना से जोड़ा जा रहा है।
डेढ़ साल तक बंधक रखने का दावा
महिला ने कहा है कि उसे करीब एक से डेढ़ साल तक बंधक बनाकर रखा गया। उसके अनुसार उसे बाहर निकलने से रोका जाता था और डर का माहौल बनाया गया। महिला का दावा है कि जब भी उसने अपनी स्थिति पर सवाल उठाया, तो उसे गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि पति के समर्थन के बाद उसने आखिरकार चुप्पी तोड़ने और पूरे मामले को सामने लाने का फैसला किया।
दूसरे लोगों के साथ भी गलत होने का आरोप
महिला ने यह भी दावा किया है कि यूट्यूबर शादाब जकाती ने एक अन्य युवक का यूट्यूब करियर भी कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया। हालांकि इस आरोप को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है। महिला का कहना है कि वह जल्द ही पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराएगी और न्याय की मांग करेगी।
पुलिस की स्थिति क्या है?
इंचौली थाना पुलिस के अनुसार, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने की जानकारी है, लेकिन बिना शिकायत के कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही शिकायत मिलेगी, तथ्यों की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यूट्यूबर का पक्ष सामने नहीं आया
इस मामले में यूट्यूबर शादाब जकाती से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। उनकी ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान भी जारी नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा पर्याप्त है। वहीं, कुछ लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की बात कर रहे हैं।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला महिला के आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। पुलिस जांच और शिकायत दर्ज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों की सच्चाई क्या है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सोशल मीडिया से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही कितनी जरूरी है।



