आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इंसान अपनी हर एक काम में एआई का सहारा ले रहा है, ऐसे में क्या आपको लगता है कि आने वाले समय में एआई हमपर हावी हो सकता है या नहीं ?
दरअसल एक हालिया रायटर्स/इप्सोस सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में अमेरिकी मानते हैं कि एआई आने वाले समय में इंसानों की नौकरियों को स्थायी रूप से खत्म कर सकता है। सर्वे में शामिल 71% लोगों ने कहा कि उन्हें डर है कि एआई “बहुत सारे लोगों को स्थायी तौर पर बेरोजगार कर देगा।”
फेक वीडियो को लेकर चिंता
सर्वे से यह भी सामने आया कि 77% लोग चिंतित हैं कि एआई का इस्तेमाल राजनीतिक अफरातफरी फैलाने के लिए किया जा सकता है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का एक एआई जनरेटेड फेक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें गिरफ्तार होते हुए दिखाया गया, जबकि ऐसा हकीकत में कभी नहीं हुआ।
नौकरियों का हाल और AI की तेज रफ्तार
फिलहाल अमेरिका में बेरोजगारी दर जुलाई 2025 में सिर्फ 4.2% रही, लेकिन लोगों का मानना है कि आने वाले समय में एआई नौकरियों के स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

2022 के अंत में जब Chat GPT लॉन्च हुआ, तो यह अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऐप बन गया। इसके बाद गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियों ने भी अपने-अपने एआई टूल लॉन्च किए।
सैन्य उपयोग पर बंटी राय
एआई के सैन्य इस्तेमाल को लेकर भी अमेरिकी बंटे हुए हैं। 48% लोगों का कहना है कि सरकार को कभी भी एआई से सैन्य हमले का लक्ष्य तय नहीं करना चाहिए। वहीं 24% लोग इसके पक्ष में हैं और 28% ने कहा कि उन्हें निश्चित नहीं है।
ऊर्जा खपत को लेकर बढ़ती चिंता
एआई तकनीक सिर्फ नौकरियों और राजनीति तक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा खपत को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है। 61% अमेरिकियों ने कहा कि उन्हें चिंता है कि AI को चलाने के लिए जितनी बिजली की जरूरत पड़ रही है, वह बहुत ज्यादा है। गूगल ने हाल ही में अमेरिकी बिजली कंपनियों के साथ समझौता किया है ताकि डेटा सेंटर की ऊर्जा खपत को नियंत्रित किया जा सके।
रिश्तों और शिक्षा पर असर
सर्वे में शामिल दो-तिहाई लोगों को डर है कि लोग असली रिश्तों को छोड़कर एआई पार्टनर को अपनाना शुरू कर देंगे। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में लोग बंटे नजर आए। 36% ने माना कि एआई शिक्षा को बेहतर करेगा, जबकि 40% इससे असहमत रहे।
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