Vaibhav Suryavanshi Youngest U19 Captain: भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे वैभव सूर्यवंशी ने नए साल की शुरुआत ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ की है। साल के तीसरे ही दिन वैभव (Vaibhav Suryavanshi) ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने उन्हें सीधे रिकॉर्ड बुक में पहुंचा दिया। इस समय वह साउथ अफ्रीका दौरे पर हैं, जहां भारतीय अंडर-19 टीम और साउथ अफ्रीका अंडर-19 टीम के बीच तीन मैचों की यूथ वनडे सीरीज खेली जा रही है।
सबसे कम उम्र के यूथ वनडे कप्तान बने वैभव
शनिवार को खेले गए पहले यूथ वनडे मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली और इतिहास रच दिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने यूथ वनडे क्रिकेट में किसी भी टीम की कप्तानी करने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
इस उपलब्धि के साथ ही वैभव (Vaibhav Suryavanshi) ने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अहमद शहजाद ने यह रिकॉर्ड 2006 में 16 वर्ष की उम्र में बनाया था, जिसे अब वैभव ने पीछे छोड़ दिया है।
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कप्तानी में भारत की शानदार जीत
बेनौनी के विलोमूर पार्क में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका अंडर-19 टीम को DLS मैथड के तहत 25 रनों से हराया। कप्तान के रूप में मैदान पर उतरते ही वैभव ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दे दिया।
भारतीय युवा टीम के नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे और उपकप्तान विहान मल्होत्रा चोट के कारण इस वनडे सीरीज से बाहर हैं। ऐसे में टीम की जिम्मेदारी युवा वैभव के कंधों पर सौंपी गई, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
पहले वनडे में बल्ले से साधारण प्रदर्शन
हालांकि, पहले वनडे मैच में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बल्ला ज्यादा नहीं चला। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए 11 रन बनाए, जिसमें दो चौके शामिल थे। भले ही व्यक्तिगत प्रदर्शन खास न रहा हो, लेकिन कप्तान के तौर पर उन्होंने टीम को जीत दिलाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

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विजय हजारे ट्रॉफी में मचाया था तहलका
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) इससे पहले घरेलू क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की ओर से खेलते हुए उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेली थी।
- वैभव ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक जड़ दिया था।
- उन्होंने 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली।
- इस पारी में 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे।
उनकी इस धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत बिहार ने अरुणाचल प्रदेश को 397 रनों से करारी शिकस्त दी थी। यह पारी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में शामिल करती है।
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राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की उपलब्धियां सिर्फ क्रिकेट मैदान तक सीमित नहीं रहीं। हाल ही में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इतनी कम उम्र में यह सम्मान मिलना वैभव की मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का प्रमाण है।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य की उम्मीद
15 साल की उम्र में कप्तानी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड और घरेलू क्रिकेट में विस्फोटक प्रदर्शन, वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। अगर उनका विकास इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में वह सीनियर टीम इंडिया की जर्सी में भी नजर आ सकते हैं।



