MS Dhoni: भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी(Manoj Tiwary) ने अपने करियर से जुड़े संघर्षों को सामने लाते हुए बड़ा बयान दिया है। तिवारी का कहना है कि उन्हें उस दौर में पर्याप्त मौके नहीं मिले क्योंकि तत्कालीन कप्तान एमएस धोनी(MS Dhoni) उन्हें पसंद नहीं करते थे।
तिवारी का मानना है कि अगर उन्हें धोनी और टीम मैनेजमेंट का समर्थन मिलता तो उनका अंतरराष्ट्रीय करियर और लंबा हो सकता था। उनके इस बयान से सभी खेल प्रेमियों का ध्यान उनकी तरफ खींचा है।
शानदार प्रदर्शन के बावजूद नहीं मिला मौका
मनोज तिवारी ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और टीम को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 2012 में श्रीलंका के खिलाफ मैच में उन्होंने 4 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई।

इसके बावजूद उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। तिवारी का आरोप है कि धोनी ने कुछ खिलाड़ियों को पूरा समर्थन दिया, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया।
MS Dhoni ने मुझे पसंद नहीं किया: मनोज तिवारी
तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा, “हर कोई धोनी को पसंद करता है और उनकी कप्तानी की खूबियां सबने देखी हैं। लेकिन मेरे मामले में उन्होंने मुझे पसंद नहीं किया। शायद मैं उनके पसंदीदा खिलाड़ियों में शामिल नहीं था। वह सवाल सिर्फ वही जवाब दे सकते हैं। क्रिकेट में पसंद और नापसंद हमेशा रहती है, और मुझे लगता है मैं नापसंद वालों की सूची में था।”
समर्थन की कमी से करियर पर असर
तिवारी का कहना है कि उन्होंने अपना काम मैदान पर प्रदर्शन करके किया, लेकिन उन्हें वैसा भरोसा नहीं मिला जैसा कुछ अन्य खिलाड़ियों को मिला। “अगर धोनी सच में सभी खिलाड़ियों को बैक करते, तो मुझे भी मौका मिलता। मैंने रन भी बनाए, विकेट भी लिए, लेकिन इसके बावजूद मुझे लगातार खेलने का मौका नहीं मिला।”

धोनी ने कई खिलाड़ियों को दिया मजबूत आधार
यह सच है कि धोनी की कप्तानी में विराट कोहली, रोहित शर्मा और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी टीम में मजबूत स्थिति में आए। लेकिन तिवारी मानते हैं कि अगर उन्हें भी वैसा ही भरोसा मिलता तो उनका करियर बिल्कुल अलग राह पकड़ सकता था।
तिवारी का घरेलू और IPL सफर
मनोज तिवारी ने भारत के लिए 12 वनडे खेले, जिसमें उन्होंने 287 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उन्होंने 3 टी20 मैच भी खेले, लेकिन वहां उन्हें ज्यादा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।
टेस्ट क्रिकेट में उन्हें कभी मौका नहीं मिला, लेकिन बंगाल की ओर से उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 10,000 से ज्यादा रन बनाए। आईपीएल में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट और पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व किया।
करियर का अंत और वापसी
तिवारी ने 2023 में संन्यास लिया था, लेकिन 2024 रणजी ट्रॉफी में बंगाल की कप्तानी करने के लिए वापसी की। उन्होंने अपना आखिरी मैच बिहार के खिलाफ खेला, जिसमें बंगाल ने एक पारी और 204 रनों से जीत हासिल की।
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